“छोटा हरक्यूलिस” के नाम से जाने जाने वाले इस तुर्की एथलीट ने पैरा पावरलिफ्टिंग में महत्वपूर्ण प्रगति की है। उन्होंने 2015 में तुर्किए के सिवस में अपनी यात्रा शुरू की, जब उनके कोच ने उन्हें अपने रेस्टोरेंट में काम करते हुए देखा और उन्हें इस खेल को आजमाने के लिए प्रोत्साहित किया। उनकी समर्पण और कड़ी मेहनत का फल मिला है, जिससे एक सफल करियर बना है।

| Season | Event | Rank |
|---|---|---|
| 2020 | -49kg | 5 |
2020 के पैरालंपिक खेलों से पहले कंधे में चोट और टूटी हुई टेंडन का सामना करने के बावजूद, उन्होंने टोक्यो में भाग लिया। यह उनकी लचीलापन और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी सफल होने के दृढ़ संकल्प को दर्शाता है।
उनका प्रशिक्षण कार्यक्रम मांगलिक है। वे दिन में दो घंटे, हफ्ते में पांच दिन प्रशिक्षण लेते हैं। यह कठोर दिनचर्या उन्हें चरम शारीरिक स्थिति बनाए रखने और आगामी प्रतियोगिताओं की तैयारी करने में मदद करती है।
उनकी शादी आयज़ानुर यासर से हुई है और उनके 2022 में एक बच्चा हुआ है। उनका परिवार उन्हें समर्थन और प्रेरणा प्रदान करता है, जो उनके एथलेटिक करियर के लिए महत्वपूर्ण है।
एथलीट ने तुर्की भारोत्तोलक नैम सुलेमानोग्लू को अपना हीरो बताया। इसके अतिरिक्त, वे अपनी मां को अपने जीवन में एक महत्वपूर्ण प्रभाव मानते हैं। ये प्रेरणाएं उन्हें अपने खेल में और ऊंचाइयों को प्राप्त करने के लिए प्रेरित करती हैं।
आगे देखते हुए, उनका लक्ष्य पेरिस में 2024 के पैरालंपिक खेलों में प्रतिस्पर्धा करना है। यह लक्ष्य उन्हें अपने प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रति केंद्रित और समर्पित रखता है।
एक रेस्टोरेंट कर्मचारी से पैरा पावरलिफ्टिंग प्रतियोगी बनने की इस एथलीट की यात्रा प्रेरणादायक है। उनकी कहानी दृढ़ता, समर्पण और प्रियजनों के समर्थन के महत्व पर प्रकाश डालती है। जैसे ही वह भविष्य की प्रतियोगिताओं की तैयारी कर रहा है, उसके प्रशंसक उत्सुकता से उसकी अगली उपलब्धियों का इंतजार कर रहे हैं।