अलिस डी'अमाटो, एक इतालवी जिम्नास्ट और पुलिस एथलीट, ने इटली के जेनोआ में एंड्रिया डोरिया स्पोर्ट्स क्लब में छह साल की उम्र में अपने जिम्नास्टिक करियर की शुरुआत की। वह वर्तमान में जीएस फियामे ओरो का प्रतिनिधित्व करती हैं और उनका प्रशिक्षण एनरिको केसेला, मार्को कैम्पोडोनिको और मोनिका बर्गामेली द्वारा दिया जाता है।

| Season | Event | Rank |
|---|---|---|
| 2021 | Women's Team | 4 |
| 2021 | Women's Uneven Bars | 18 |
| 2021 | Women's Individual All-Around | 20 |
| 2021 | Women's Floor Exercise | 28 |
| 2021 | Women's Beam | 48 |
2016 में, अलिस ने ऑस्ट्रिया के लिंज़ में घुटने की सर्जरी कराई, जिसमें एक टूटा हुआ पूर्वकाल क्रूसिएट लिगामेंट (एसीएल) की मरम्मत की गई। दो साल बाद, वह अपनी एक टखने में मालेओलस फ्रैक्चर का शिकार हो गई। इन झटकों के बावजूद, वह अपने खेल में उत्कृष्टता प्राप्त करती रहीं।
अलिस इतालवी टीम का हिस्सा थी जिसने 2019 में जर्मनी के स्टटगार्ट में विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था। इस उपलब्धि ने महिलाओं की टीम स्पर्धा में पदक के लिए इटली के 69 साल के इंतजार को समाप्त कर दिया। पिछला पदक भी कांस्य था, जो 1950 में स्विट्जरलैंड के बेसल में जीता गया था।
दिसंबर 2020 में, अलिस और उनकी जुड़वां बहन एशिया को लिगुरिया में एथलीट ऑफ द ईयर अवार्ड मिला। 2019 में, उन्हें इटली में गैला डि स्टेले नेलो स्पोर्ट समारोह में महिला जूनियर अवार्ड से सम्मानित किया गया था।
अलिस की जुड़वां बहन एशिया डी'अमाटो भी एक कुशल जिम्नास्ट हैं। बहनों ने टोक्यो में 2020 ओलंपिक खेलों में एक साथ भाग लिया, जहाँ इतालवी टीम टीम स्पर्धा में चौथे स्थान पर रही। प्रतिस्पर्धी होने के बावजूद, वे प्रतियोगिताओं के दौरान एक-दूसरे का समर्थन करती हैं।
आगे देखते हुए, अलिस का लक्ष्य पेरिस में 2024 ओलंपिक खेलों में भाग लेना है। उनकी दृढ़ता और पिछली उपलब्धियाँ बताती हैं कि वह इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सही रास्ते पर हैं।
अलिस अपनी जुड़वां बहन एशिया को एक वास्तविक प्रतिद्वंद्वी नहीं मानतीं। वे एक-दूसरे के खिलाफ प्रतिस्पर्धा करते हुए भी आपसी समर्थन प्रदान करती हैं। 2021 विश्व चैंपियनशिप ऑल-अराउंड फाइनल के दौरान, वे अलग-अलग उपकरणों से शुरुआत करने के बावजूद एक-दूसरे के लिए उत्साहित हुईं।
जिम्नास्टिक में अलिस डी'अमाटो का सफर उनके परिवार के लचीलेपन और सहयोग से भरा हुआ है। उनकी उपलब्धियों और भविष्य की आकांक्षाओं में खेल के प्रति उनकी समर्पण परिलक्षित होता है।