साल 2012 में पीवी सिंधु ने खींचा था सबका ध्यान, 'सिल्वर' मेडल जीतने वाली इकलाैती भारतीय

नई दिल्ली। पीवी सिंधु आगामी टोक्यो ओलंपिक में टीम इंडिया की बैडमिंटन टीम की अगुवाई करेंगी। सिंधु अपनी प्रतिभा, कौशल और शानदार उपलब्धियों के के चलते नामी खिलाड़ी बनकर सामने आई हैं। सिंधु देश में लोगों के दिल की धड़कन बनी हुई है, उनके शुभचिंतक चाहते हैं कि वह आगामी टोक्यो ओलंपिक से स्वर्ण पदक के साथ वापसी करें। आज सिंधु अपना 26वां जन्मदिन मना रही हैं। सिंधु का जन्म 5 जुलाई, 1995 को हैदराबाद में हुआ था। वह ओलंपिक पदक जीतने वाली सिर्फ दो भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ियों में से एक हैं, दूसरी साइना नेहवाल हैं। सिंधु वह ओलंपिक सिल्वर मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला हैं।

सिंधु ने सबका ध्यान अपनी ओर उस समय खींचा जब वह सितंबर 2012 में 17 साल की उम्र में BWF विश्व रैंकिंग के टाॅप-20 में शामिल हो गईं थी और अपने अधिकांश पेशेवर करियर के लिए टाॅप-10 में रही। आज उनके जन्मदिन के खास मौके पर आइए एक नजर डालते हैं विश्व मंच पर उनकी प्रमुख जीत पर-

- सिंधु ने अंतरराष्ट्रीय करियर में कोलंबो में आयोजित 2009 सब जूनियर एशियाई बैडमिंटन चैंपियनशिप में ब्राॅंन्ज मेडल जीता था। फिर साल 2010 में ईरान फज्र इंटरनेशनल बैडमिंटन चैलेंज के एकल वर्ग में उन्होंने सिल्वर मेडल जीता।

- फिर साल 2012 में चीन ओपन (बैडमिंटन) सुपर सीरीज टूर्नामेंट में लंदन ओलंपिक 2012 के स्वर्ण पदक विजेता चीन के ली जुएराऊ को सिंधु ने हराकर सबको हैरान कर दिया था। सिंधु ने 9-21, 21-16 से ली को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी।

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- इसके बाद सिंधु चीन के ग्वांग्झू में आयोजित 2013 के विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में एकल पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बैडमिंटन खिलाड़ी रहीं। उन्होंने ब्राॅंन्ज मेडल जीता था।

- फिर 1 दिसम्बर 2013 को कनाडा की मिशेल ली को हराकर सिंधु ने मकाउ ओपन ग्रां प्री गोल्ड का महिला सिंगल्स खिताब जीता है। उन्होंने 2013 दिसम्बर में भारत की 78वीं सीनियर नैशनल बैडमिंटन चैम्पियनशिप का महिला सिंगल खिताब भी अपने नाम किया है।

- 2016 रियो ओलंपिक में पीवी सिंधु ने सिल्वर मेडल जीता था। महिला एकल स्पर्धा के फाइनल में पहुंचने वाली भारत की पहली महिला बनीं थी। सेमीफाइनल मुकाबले में सिंधु ने जापान की नोजोमी ओकुहारा को 21-19 और 21-10 से हराया था। फिर फाइनल में उनका मुकाबला स्पेन की कैरोलिना मैरिन से हुआ। पहला सेट 21-19 से सिंधु ने जीता लेकिन दूसरे सेट में मैरिन 21-12 से जीत गईं, लेकिन आखिरी सेट में सिंधु हार गईं। उन्हें 21-15 से हार मिली, इसी के साथ सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा।

- इसके बाद स्टार सिंधु 25 अगस्त, 2019 को जापान की नोजोमी ओकुहारा को एकतरफा फाइनल में केवल 36 मिनट में 21-7, 21-7 से हराकर BWF विश्व चैंपियनशिप जीतने वाली पहली भारतीय बनीं थी।

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Story first published: Monday, July 5, 2021, 13:14 [IST]
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