एशियाड-2010 : सोमदेव ने जीता स्वर्ण, कुश्ती और तीरंदाजी में कांस्य फिसला (लीड-1)
सोमदेव देवबर्मन ने जहां टेनिस की एकल स्पर्धा में इतिहास रचते हुए स्वर्ण जीता वहीं धमेंद्र दलाल कुश्ती के 120 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक के लिए हुए मुकाबल में हार गए। इसी तरह दीपिका कुमारी भी तीरंदाजी में कांस्य के लिए हुए मुकाबले में हार गईं।
इसके साथ ही भारत पदक तालिका में सातवें स्थान पर पहुंच गया है। भारत की झोली में कुल सात स्वर्ण है। उसने कुल 37 पदक जीते हैं, जिनमें 18 कांस्य और 12 रजत शामिल हैं। चीन 159 स्वर्ण के साथ तालिका में सर्वोच्च स्थान पर है।
भारत के सर्वोच्च वरीयता प्राप्त एकल खिलाड़ी सोमदेव ने एकल मुकाबलों का स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा। सोमदेव एशियाई खेलों की इस स्पर्धा में स्वर्ण जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी हैं।
सोमवार को सनम सिंह के साथ पुरुषों के युगल मुकाबलों का स्वर्ण जीतने वाले सोमदेव ने मंगलवार को खेले गए खिताबी मुकाबले में विश्व के 44वें वरीयता प्राप्त उज्बेकिस्तान के खिलाड़ी डेनिस इस्तोमिन को 6-1, 6-2 से पराजित कर भारत को सातवां स्वर्ण पदक दिलाया। यह मुकाबला एक घंटे 22 मिनट चला।
सोमेदेव के शानदार खेल की बदौलत भारत ने टेनिस में दूसरा स्वर्ण हासिल किया है। इसके अलावा टेनिस में भारत को दो कांस्य और एक रजत पदक प्राप्त हुआ है। सानिया मिर्जा ने एकल में कांस्य जीता था जबकि सोमदेव की अगुआई में भारतीय पुरुष टीम को भी कांस्य प्राप्त हुआ था। इसके अलावा सानिया और विष्णु वर्धन की जोड़ी ने सोमवार को मिश्रित युगल वर्ग में रजत पदक जीता था।
सोमदेव सोमवार को एशियाई खेलों की टेनिस स्पर्धा के एकल मुकाबलों के फाइनल में पहुंचने वाले पहले खिलाड़ी बने थे। इस लिहाज से उन्होंने सोमवार को ही कम से कम रजत पदक अपने नाम कर इतिहास रच दिया था। इससे पहले भारत को टेनिस एकल में तीन कांस्य प्राप्त हुए हैं।
1994 के हिरोशिमा एशियाई खेलों में लिएंडर पेस ने कांस्य जीता था जबकि 1998 के बैंकॉक एशियाई खेलों में महेश भूपति ने भी कांसा जीता था। इसके अलावा 1998 के बैंकॉक एशियाई खेलोंे में ही भारत के प्रह्लाद श्रीनाथ ने कांस्य पदक जीता था।
चीन में दो स्वर्ण जीतकर सोमदेव ने लिएंडर की बराबरी की। लिएंडर ने 2006 में कतर की राजधानी दोहा में आयोजित 15वें एशियाई खेलो में दो स्वर्ण हासिल किए थे। लिएंडर ने महेश भूपति के साथ युगल और सानिया के साथ मिश्रित युगल का स्वर्ण जीता था। सानिया ने दोहा में रजत पदक हासिल किया था।
कुश्ती की 120 किलोग्राम वर्ग मे दलाल को इराक के अली सलमान ने 0-3 से हराकर तीसरा स्थान हासिल किया। दलाल क्वार्टर फाइनल में कजाकिस्तान के नुमाखान तिनालियेव के हाथों 0-3 से हार गए थे। इसके बाद उन्होंने रिपैकेज मुकाबले में कम्बोडिया के चिविन चुम को 3-0 से हराकर तीसरे स्थान के लिए होने वाले मुकाबले में खेलने का अधिकार हासिल किया था।
इसके अलावा भारत ने कबड्डी में जीत हासिल की। भारत की पुरुष कबड्डी टीम ने अपने अभियान की शानदार शुरुआत करते हुए ग्रुप-ए के अपने पहले मुकाबले में ईरान को 40-24 से पराजित कर दिया। पुरुष टीम लगातार छठी बार स्वर्ण पदक के लिए प्रयासरत है।
महिलाओं को भी अपने मुकाबले में जीत मिली। महिला टीम को नेपाल के खिलाफ वॉकओवर मिला। महिला टीम ने अपने पहले मुकाबले में बांग्लादेश को 34-20 से हराया था। महिला एवं पुरुष टीमों का अगला मुकाबला दक्षिण कोरिया के साथ होना है।
तीरंदाजी की एकल स्पर्धा में दीपिका कुमारी कांस्य पदक जीतने से चूक गईं। सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया की ओखी युन के हाथों 2-6 से हारने वाली दीपिका मंगलवार को तीसरे स्थान के लिए खेले गए मुकाबले में उत्तर कोरिया की तीरंदाज उन सिल क्वोन से इसी अंतर से पराजित हुईं।
सेमीफाइनल में दीपिका ने ओखी युन के खिलाफ शुरुआती दो सेट में हार मिलने के बाद तीसरे सेट में शानदार वापसी की थी लेकिन चौथे सेट में ओखी का अनुभव उन्हें जीत दिलाने में सहायक साबित हुआ।
दीपिका ने 1/16 इलिमिनेशन राउंड के मुकाबले में इराक की रैंड अल्मासादानी को 5-1 से पराजित किया। इसके बाद दीपिका ने क्वार्टर फाइनल में इंडोनेशिया की इर्विना साफित्री को 7-3 से हराया।
सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए दीपिका ने चीनी ताइपे की खिलाड़ी तिंग तान को 6-4 से मात दी। दीपिका ने अक्टूबर में नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीता था।
दूसरी ओर, भारत की एक अन्य तीरंदाज रिमिल बुरीयेली क्वार्टर फाइनल में हार गईं। रिमिल ने अपने पहले मुकाबले में ईरान की जेड. देगाजानाबनहवी को 4-0 से पराजित किया था लेकिन दूसरे मुकाबले में वह चीनी ताइपे की खिलाड़ी या तिंग तान से 2-6 के अंतर से हार गईं। डोला बनर्जी और बोम्बाल्या देवी इलिमिनेशन राउंड में नहीं पहुंच सकी थीं।
साइकिलिंग के महिला व्यक्तिगत वर्ग में भी भारत को निराशा हाथ लगी। भारत की साइकिल चालक माहिता मोहन और पाना चौधरी ने व्यक्तिगत रोड रेस स्पर्धा में निराशाजनक प्रदर्शन करते हुए क्रमश: 20वां और 26वां स्थान हासिल किया।
माहिता ने 100 किलोमीटर की दूरी दो घंटे 47 मिनट 51.71 सेकेंड में नापी जबकि पाना को यह दूरी नापने में दो घंटे 48 मिनट 41 सेकेंड का वक्त लगा।
चीनी ताइपे की मेई यू सियाओ ने दो घंटे 47 मिनट 46.12 सेकेंड के समय के साथ पहला स्थान हासिल किया जबकि इंडोनेशिया की सान्तिया कुसुसमा दो घंटे 47 मिनट 46.52 सेकेंड समय के साथ दूसरे स्थान पर रहीं।
साइकिलिंग स्पर्धा में भारत का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है। सोमवार को उसके पुरुष खिलाड़ियों ने व्यक्तिगत रेस में खराब प्रदर्शन किया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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