हरियाणा सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि यह जमीन गुड़गांव के सेक्टर 27 में महात्मा गांधी मार्ग पर है। 10 एकड़ की इस जमीन की कीमत 8 करोड़ प्रति एकड़ है। यह एक बेहद पौश इलाका माना जाता है।
हरियाणा से नाता नहीं फिर क्यों दिया इतना बड़ा तोहफा
अगर सायना नेहवाल के परिवार का इतिहास उठाकर देखें तो उनके पिता हरवीर सिंह नेहवाल के अनुसार उनका और हरियाणा का सिर्फ इतना नाता है कि उन्होंने कुछ साल हिसार कृषि विश्वविद्यालय में कुछ साल नौकरी की है बस। हालांकि जिस वक्त वो वहां नौकरी कर रहे थे, तभी सायना पैदा हुई थीं। हरवीर नेहवाल के अनुसार वो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मेरठ के पास मुरादनगर के रहने वाले हैं। सायना के पैदा होने के कुछ साल बाद ही पूरा परिवार हैदराबाद शिफ्ट हो गया।
जाट राजनीति
राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार हुड्डा ने यहां पर सिर्फ जाट कार्ड खेलने का प्रयास किया है। चूंकि नेहवाल परिवार जाट समुदाय का है, लिहाजा जमीन देकर हुड्डा खुद को जाट समुदाय का हितैशी बताने का प्रयास कर रहे हैं। अगर वाकई में हुड्डा खिलाड़ियों के लिये कुछ करना चाहते थे, तो हरियाणा के बाकी खिलाड़ियों के लिये क्यों कुछ नहीं करते। दूसरी बात अगर जमीन ही देनी थी, तो हिसार, भिवानी या सिरसा में क्यों नहीं दी, गुड़गांव को ही क्यों चुना।
पहले भी खेल चुके हैं ऐसा ही कार्ड
हरियाणा सरकार पहले भी ऐसा ही कार्ड खेल चुकी है। तब सरकार ने वीरेंद्र सहवाग को क्रिकेट अकादमी बनाने के लिये जमीन दी। जबकि सहवाग का हरियाणा से कोई लेना देना नहीं है, वो दिल्ली के नजफगढ़ में पैदा हुए और वहीं पले बढ़े। उन्हें हरियाणा सरकार ने सिर्फ इसलिये इतनी तवज्जो दी, क्योंकि वो एक जाट हैं।