परिणाम देने लगी है चंडीगढ़ की फुटबाल-हॉकी अकादमी
चंडीगढ़, 2 अगस्त (आईएएनएस)। नौ वर्ष पहले स्थापित चंडीगढ़ फुटबाल-हॉकी अकादमी अब परिणाम देने लगी है। अब इस अकादमी से ऐसे खिलाड़ी निकलने लगे हैं, जो राष्ट्रीय स्तर पर अपनी छाप छोड़ने को बेताब हैं।
पंजाब सरकार ने वर्ष 2000 में इस अकादमी को शुरू किया था। सरकार का उद्देश्य था कि यह अकादमी उत्तर भारत के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की शरणस्थली बनेगी और अब यह अकादमी ऐसे खिलाड़ी पैदा करने लगी है, जो राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करने के लिए योग्य समझे जाने लगे हैं।
इस अकादमी की परिकल्पना जे.एफ.आर. जैकब ने की थी। जैकब चंडीगढ़ के पूर्व प्रशासक और सेवानिवृत्त जनरल रहे हैं। सेक्टर-42 में स्थित उनकी अकादमी में शुरुआत में फुटबाल खिलाड़ियों को प्रशिक्षित किया जाता था लेकिन दो साल बाद इसमें हॉकी खिलाड़ियों को भी प्रशिक्षित किया जाने लगा।
वर्ष 2007 में यहां से 24 खिलाड़ियों का एक दल निकला। इस दल में शामिल खिलाड़ियों ने 9-10 साल की उम्र में अकादमी की शरण ली थी।
चंडीगढ़ के खेल विभाग के संयुक्त निदेशक जी.पी.एस. संधू बताते हैं, "हमारी अकादमी से निकले 14 खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय फुटबाल शिविरों में हिस्सा लिया। यही नहीं, हमारे छह खिलाड़ियों ने अलग-अलग प्रतियोगिताओं में देश का प्रतिनिधित्व किया। हम एक खिलाड़ी को प्रशिक्षित करने के लिए 80 हजार रुपये खर्च करते हैं। आशा है कि आने वाले दिनों में हम अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी यहां से पैदा कर सकेंगे।"
अकादमी में हॉकी के प्रशिक्षण की व्यवस्था 2002 में हुई। पहले बैच में 11-12 वर्ष आयु वर्ग के 24 खिलाड़ियों को शामिल किया गया। इन खिलाड़ियों को छह साल तक प्रशिक्षित किया गया। इसके अलाला 2005 और 2008 में 24-24 खिलाड़ियों के दो बैच इस अकादमी में शामिल किए गए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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