टेस्ट मैचों में अब नहीं दिखेगा फ्रेडी का जलवा
फ्लिंटॉफ ने एशेज श्रृंखला की शुरुआत से पहले संन्यास की घोषणा कर दी थी। फ्लिंटॉफ ने कहा था कि लगातार चोट से तंग आकर उन्होंने क्रिकेट के सबसे लंबे स्वरूप से संन्यास लेने का फैसला किया है।
31 साल के फ्लिंटॉफ एकदिवसीय तथा ट्वेंटी-20 मुकाबलों में इंग्लैंड टीम को सेवाएं देते रहेंगे। चोट के कारण फ्लिंटॉफ इंग्लैंड द्वारा खेले गए पिछले 48 में से 25 टेस्ट मैचों में नहीं खेल सके थे।
फ्लिंटॉफ ने बीते 15 जुलाई को ब्रिटिश प्रेस संघ से बातचीत के दौरान कहा था, "मेरे शरीर ने कहा कि अब रुकने का वक्त आ गया है। 2005 की एशेज श्रृंखला के बाद मेरे जीवन में दो साल ऐसे बीते हैं, जिस दौरान मैंने सुधार कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के अलावा और कुछ नहीं किया। मैं पिछले कुछ समय से संन्यास के बारे में सोच रहा था।"
फ्लिंटॉफ ने 1998 में अपना पहला टेस्ट मैच खेला था। उन्होंने इंग्लैंड के लिए कुल 79 टेस्ट और 141 एकदिवसीय मैच खेले हैं। टेस्ट मैचों में उन्होंने 226 विकेट लिए हैं। 2005 की एशेज श्रृंखला में इंग्लैंड की जीत में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
यही नहीं, 2009 एशेज श्रृंखला के दौरान लॉर्ड्स में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में भी उन्होंने अपनी टीम की जीत में अहम किरदार निभाया था। फ्लिंटॉफ ने लॉर्ड्स टेस्ट मैच की दूसरी पारी में पांच विकेट लेकर इंग्लैंड को 115 रनों से जीत दिलाई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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