ब्रिटिश समाचार पत्र 'द टाइम्स' में लिखे अपने लेख में गावर ने कहा है, "मैं मानता हूं कि बोपारा में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। परंतु जब आप तीसरे क्रम पर बल्लेबाजी करते हैं तो आप एक ही शैली में नहीं खेल सकते। आपको स्थिति के अनुसार खुद को ढालना पड़ता है। इसी बात को लेकर बोपारा से कुछ चूक जरूर हो रही है।"
उन्होंने कहा कि बोपारा को और समय दिया जाना चाहिए ताकि वह अपनी जिम्मेदारियों को सही ढंग से समझ पाएं और स्थिति के अनुकूल खुद को ढाल पाएं। गावर ने कहा कि बोपारा में पूरी काबलियत है कि वह इन बातों पर अमल कर सकेंगे।
गौरतलब है कि अपने अंतर्राष्ट्रीय करियर में गावर ने 117 टेस्ट मैच खेले और इनमें उन्होंने 8,231 रन बनाए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।