बुधवार को खेलगांव से मैच फिक्सिंग की खबर ने पूरे विश्व को चौंका दिया। विश्व ओलंपिक संघ ने तत्काल प्रभाव से जिन खिलाड़ियों को बाहर किया है, उनमें चीन के दो शीर्ष खिलाड़ी भी हैं। जिन खिलाड़ियों को बाहर किया गया है उनमें दो जोडि़यां दक्षिण कोरिया की हैं।
आरोप है कि दक्षिण कोरिया की दो जोडि़यां अपने विरोधी इंडोनेशिया और चीन की जोडि़यों से जान बूझ कर हारीं, ताकि क्वाटरफाइनल मुकाबला उनके मन मुताबिक तय हो सके।
इन खिलाड़ियों में विश्व चैंपियन वांग जियाओली और यू यांग नहीं चाहते थे कि फाइनल से पहले उनकी भिड़ंत उन्हीं के देश के टियान किंग और ज़ाओ यूनियेई से हो। इसलिये वांग और यू ने जान बूझ कर दक्षिण कोरिया के जंग कुंग इयून और किम हा-ना से से हार गये।
इस दौरान वांग और यू ने शटलकॉक को जान बूझ कर कोर्ट में डाल दिया।
जब इंडोनेशिया की गेसिया पोली और मिलियाना जुआरी दक्षिण कोरिया की हा जुंग और किम मिन जिंग के खिलफ खेल रही थीं तब ऐसा ही नजारा देखने को मिला। अंत में चारों क्वालीफाई राउंड में पहुंच गये। देखते ही देखते सभी खिलाड़ी मैच फिक्सिंग के अरोपों के घेरे में फंस गये और ओलंपिक आयोजन समिति ने उन्हें निलंबित कर दिया। हालांकि इस पर ओलंपिक संघ का अंतिम फैसला आना बाकी है।
भारत को मिल सकता है फायदा
यदि ओलंपिक संघ ने सभी आरोप सही पाये तो इन खिलाडि़यों पर प्रतिबंध लग सकता है। ऐसे में सबसे ज्यादा फायदा भारत को होगा, क्योंकि भारत की अश्ि वनी पोनप्पा और ज्वाला गुट्टा बहुत कम अंक से क्वालीफाई राउंड से बाहर हुई हैं।