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सायना को दृढ़ विश्‍वास, जरूर लायेंगी ओलंपिक पदक

By Ajay Mohan
नई दिल्ली (भाषा)। चार साल पहले शायद ही कोई उसे जानता हो लेकिन बीजिंग ओलंपिक में क्वार्टर फाइनल तक पहुंचने के बाद सुपरस्टार बनी सायना नेहवाल पिछले चार साल में भारतीय बैडमिंटन का चेहरा और ओलंपिक पदक की बड़ी उम्मीद बनकर उभरी हैं। उन्‍हें इसका इल्म है और वह अपने इस ख्वाब को ताबीर में बदलने को बेकरार भी है।

हैदराबाद की गचीबाउली गोपी अकादमी में मुख्य राष्ट्रीय कोच पुलेला गोपीचंद के मार्गदर्शन में दिन में छह से सात घंटे की कड़ी ट्रेनिंग कर रही सायना ने 27 जुलाई से शुरू हो रहे ओलंपिक के बारे में भाषा से कहा, "मैं दिन में छह से सात घंटे से अधिक समय ट्रेनिंग कर रही हूं। मैं अपने मौजूदा फिटनेस स्तर से खुश हूं और अपने स्टेमिना और गति के अलावा कोर्ट में कौशल पर भी काम कर रही हूं।"

उन्होंने कहा, "अगर सब कुछ सही रहा तो मुझे यकीन है कि लंदन खेलों के दौरान ओलंपिक में पदक जीतने का मेरा सपना साकार हो जाएगा। मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश करूंगी। मात्र 18 बरस की उम्र में बीजिंग ओलंपिक के दौरान अपनी प्रतिभा को लोहा मनवाने वाली सायना ने कहा कि अब वह अधिक अनुभवी हैं और इस बार उनका दावा मजबूत है।"

सायना के पास बीजिंग ओलंपिक के दौरान भी सेमीफाइनल में जगह बनाकर पदक के करीब पहुंचने का मौका था लेकिन वह क्वार्टर फाइनल में इंडोनेशिया की मारिया क्रिस्टीन युलियांती के खिलाफ तीसरे और निर्णायक गेम में 11-3 की मजबूत बढ़त बनाने के बावजूद हार गई थी।

ओलंपिक की बैडमिंटन स्पर्धा के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने वाली पहली भारतीय महिला एकल खिलाड़ी सायना ने कहा, "सभी समय के साथ सीखते हैं। मैं भी बीजिंग ओलंपिक के मुकाबले चार वर्ष अधिक अनुभवी हो गई हूं। मुझे लगता है कि लंदन में समय मेरे पक्ष में है।"

सायना ने पिछले महीने थाईलैंड ओपन ग्रां प्री गोल्ड और इंडानेशिया ओपन सुपर सीरीज के रूप में लगातार दो खिताब जीतकर चीन की अपनी प्रतिद्वंद्वियों को चेतावनी दे चुकी हैं। इस दिग्गज भारतीय खिलाड़ी ने इंडोनेशिया ओपन के दौरान खिताबी मुकाबले में दुनिया की तीसरे नंबर की चीन की खिलाड़ी शुएरुई ली जबकि इससे पहले चौथे नंबर शियान वैंग को हराया था। आगामी ओलंपिक में चीन की खिलाडि़यों को सबसे कड़ा प्रतिस्पर्धी मानने वाली सायना ने कहा कि हाल में शीर्ष खिलाडि़यों के खिलाफ दर्ज की गई इन जीतों से ओलंपिक से पहले उनका मनोबल बढ़ा है।

उन्होंने कहा, "निश्चित तौर पर इस तरह की जीत से ओलंपिक से पहले मेरा मनोबल बढ़ा है।" सायना ने ओलंपिक की अपनी तैयारियों के बारे में कहा कि उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वियों को देखते हुए अपनी फिटनेस को लेकर कुछ प्रयोग किए हैं जिससे उनके खेल में तेजी आई है और स्टेमिना भी बढ़ा है। उन्होंने कहा, "मैं गोपी सर की योजना के मुताबिक ट्रेनिंग और एक्सरसाइज कर रही हूं। मैंने अपनी फिटनेस को सुधारने के लिए कुछ प्रयोग भी किए हैं और अपने खानपान पर भी ध्यान दे रही हूं जिससे मैंने कुछ अच्छे नतीजे भी हासिल किए हैं और मेरी गति में भी सुधार हुआ है।"

Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 12:14 [IST]
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