लगातार दो खिताब जीतने के बाद आत्मविश्वास से भरी सायना अगले महीने होने वाले ओलंपिक खेलों में चीन की मजबूत खिलाड़ियों को चुनौती देने की तेयारी में हैं। इसके लिए वो खुद को मानसिक व शारीरिक तौर पर तैयार कर रही हैं।
सायना ने हाल ही में बैंकाक में थाईलैंड ओपन ग्रां प्री गोल्ड बैडमिंटन टूर्नामेंट और इंडोनेशिया ओपन का खिताब जीतकर ओलंपिक में अपनी दावेदारी की दस्तक दे दी है। सायना ने अपनी फिटनेस के बारे में कहा कि जीत इससे बेहतर समय में नहीं आ सकती थी और उनसे लंदन खेलों में पदक जीतने की उम्मीद एक बार फिर बढ़ गई है।
आंध्र प्रदेश खेल मंत्रालय द्वारा यहां पुलेला गोपीचंद अकादमी में आयोजित सम्मान समारोह के दौरान सायना ने कहा, "मुझे ओलंपिक से पहले कड़ी मेहनत करने की जरूरत है और इन दो जीत से मेरा मनोबल बढ़ा है। मैं काफी खुश हूं। ओलंपिक के लिए हमारा विशेष कार्यक्रम होगा। यह मेरे लिए कड़े चार से पांच हफ्ते होंगे। इसलिए ओलंपिक से पहले शरीरिक रूप से फिट और चोट मुक्त होना अहम है क्योंकि वहां कोर्ट धीमे होंगें।"
सायना ने इंडोनेशिया ओपन के क्वार्टर फाइनल में दुनिया की चौथे नंबर की खिलाड़ी चीन की शियान वैंग को और फाइनल में चीन की ही तीसरी वरीय खिलाड़ी शुएरुई ली को हराया था। इस पर सायना ने कहा, "मुझे खुशी है कि इन टूर्नामेंटों में मैंने चीन की खिलाड़ियों के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन किया। चीन के खिलाफ काफी मजबूत होते हैं और वे प्रत्येक अंक के लिए कड़ा संघर्ष करते हैं। उन्हें हराना आसान नहीं है लेकिन ओलंपिक में पदक असंभव भी नहीं है।"