बीजिंग ओलंपिक 2008 में क्वार्टरफाइनल में पहुंचने वाली 22 वर्षीय भारतीय तीन चीनी खिलाडि़यों, डेनमार्क की टिने बॉन और जर्मनी की जुलियन चेंक समेत स्वर्ण पदक के दावेदारों में से एक है। पिछले महीने थाईलैंड ग्रां प्री गोल्ड और इंडोनेशिया सुपरसीरीज में लगातार दो खिताब जीतने वाली सायना अगर प्री क्वार्टरफाइनल में पहुंचती है तो उसके ग्रुप एफ की 14वीं वरीय हालैंड की याओ जिए से भिड़त की संभावना है।
दुनिया की पांचवें नंबर की हैदराबादी को इसके आगे कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा जिसमें क्वार्टरफाइनल में वह दो बार की आल इंग्लैंड चैम्पियन और पांचवीं वरीय बॉन (ग्रुप जी) या 12वीं वरीय जापानी सायाका सातो (ग्रुप एच) से भिड़ सकती हैं।
सायना बीजिंग ओलंपिक के क्वार्टरफाइनल में मिली हार से अपने ओलंपिक आगाज में पदक से चूक गयी थी। इस 22 वर्षीय ने कहा, "प्रत्येक भारतीय खिलाड़ी की तरह पदक जीतना मेरा भी सपना है। लेकिन मैं खुद पर ज्यादा दबाव नहीं डालना चाहती। दुनिया की पांचवें नंबर की खिलाड़ी ने कहा कि उन्हें कुछ अच्छे मैचों की उम्मीद है।"
सायना ने कहा, "ड्रा काफी कठिन लग रहा है। मैं इनके खिलाफ पहले भी खेल चुकी हूं और इन्होंने मुझे चुनौती दी है। मुझे अच्छे मैचों की उम्मीद है। लेकिन मैं एक बार में एक ही मैच पर ध्यान लगाउंगी।" उन्होंने कहा, "बतौर खिलाड़ी मैंने काफी सुधार किया है। यह मेरा दूसरा ओलंपिक है और मैं अब और रिलेक्स रहना चाहती हूं। मैं ज्यादा दबाव नहीं लेना चाहती।"