महिला दौड़ विजेता का लिंग परीक्षण
जर्मनी के बर्लिन शहर में हो रही विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 800 मीटर दौड़ की महिला चैंपियन बनी दक्षिण अफ़्रीका की कैस्टर सेमेन्या से लिंग परीक्षण करवाने के लिए कहा गया है.
एथलेटिक्स की अंतरराष्ट्रीय संस्था आईएएएफ़ का कहना है कि उसने तीन हफ़्ते पहले ही इस जाँच के लिए कह दिया था क्योंकि उसे डर था कि सेमेन्या एक महिला के तौर पर दौड़ में हिस्सा नहीं ले पाएगी.
आईएएएफ़ के प्रवक्ता निक डेविस ने कहा कि यह जाँच काफ़ी जटिल होती है इसलिए नतीजे कुछ हफ़्तों के बाद ही आएँगे.
मगर दौड़ के अगले दिन यानी गुरुवार को जब सेमेन्या को घेरकर संवाददाताओं ने इस विवाद के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा, "मुझे इस बात से कोई लेना-देना नहीं है."
वहीं दक्षिण अफ़्रीकी एथलेटिक्स महासंघ का कहना है कि उसे 18 वर्षीया सेमेन्या के महिला होने का पूरा विश्वास है.
महासंघ के अनुसार इस तरह की जाँच करवाने की बात कहकर सेमेन्या की बेइज़्ज़ती की गई है जबकि दक्षिण अफ़्रीका की सत्तारूढ़ अफ़्रीकी नेशनल कांग्रेस ने पूरे देश से इस 'स्वर्णिम कन्या' का समर्थन करने के लिए कहा है.
महासंघ की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है, "हमें अगर ज़रा भी शक़ होता तो हम महिलाओं के इस मुक़ाबले में हिस्सा ही नहीं लेते."
सेमेन्या ने बुधवार को इस मुक़ाबले का स्वर्ण पदक एक मिनट 55.45 सेकेंड के साथ जीत लिया था.
पूर्व विजेता जेनेत जेपकोसगेई दूसरे स्थान पर रहीं और वह सेमेन्या से 2.45 सेकेंड पीछे रह गईं जबकि ब्रिटेन की जेनी मीडोज़ को काँस्य पदक मिला.
सेमेन्या ने जीत के बाद होने वाले संवाददाता सम्मेलन में हिस्सा नहीं लिया और आईएएएफ़ के महासचिव पिए वाएज़ ने मीडिया से बात की.
उन्होंने कहा, "हम जानते हैं कि आप उससे बात करना चाहते हैं मगर वह अभी काफ़ी युवा है, अनुभवहीन है और आपके सभी सवालों के ठीक तरह से जवाब नहीं दे सकेगी."
वाएज़ ने उसकी ओर से जवाब देने के लिए कहते हुए बताया कि उसे संवाददाता सम्मेलन में नहीं लाने का फ़ैसला आईएएएफ़ और दक्षिण अफ़्रीकी महासंघ का था.
वाएज़ ने ज़ोर देकर कहा कि आईएएएफ़ ने स्थिति को बख़ूबी सँभाला और सेमेन्या की जाँच संबंधी घोषणा के समय को लेकर भी अपना बचाव किया.
उन्होंने कहा, "तीन हफ़्तों पहले तक उसे कोई जानता नहीं था इसलिए कोई इस स्थिति की कल्पना ही नहीं कर सकता था. हम तेज़ हैं मगर हम शेर नहीं हैं. अगर ये सिद्ध हो जाता है कि वह महिला नहीं है तो उनका पदक वापस ले लिया जाएगा मगर अभी उन्हें शक़ का लाभ तो दिया ही जाना चाहिए."
सेमेन्या के परिवार ने ज़ोर देकर कहा है कि वह एक महिला ही है. उनकी दादी ने कहा, "मुझे मालूम है कि वह एक लड़की है- मैंने उसे ख़ुद बड़ा किया है."
उनकी माँ ने स्टार समाचार पत्र को बताया कि उनकी बेटी के लिंग से जुड़े शक़ सिर्फ़ लोगों की जलन भर है.
सेमेन्या दुनिया के सामने पिछले महीने तब आई थी जब उन्होंने एक मिनट 56.72 सेकेंड में दौड़ पूरी करके अपने ही सबसे अच्छे प्रदर्शन में सात सेकेंड कम कर दिए थे.
इसके साथ ही उन्होंने लंबे समय से चला आ रहा दक्षिण अफ़्रीका का ज़ोला बड का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया था.
आईएएएफ़ के प्रवक्ता डेविस ने इस बारे में कहा, "इस एथलीट के मामले में जब से वह जूनियर अफ़्रीकी चैंपियन बनी तब से ही अफ़वाहें उड़ने लगीं थीं. लिंग परीक्षण काफ़ी जटिल प्रक्रिया है. आज की स्थिति ये है कि हमारे पास ऐसा कोई सबूत नहीं है जिसके आधार पर हम ये कह सकें कि उन्हें दौड़ने नहीं देना चाहिए."
डॉक्टरों का एक दल इस मामले की जाँच कर रहा है और उन्होंने परीक्षण भी शुरू कर दिए हैं मगर ये अभी तक पता नहीं है कि नतीजे कब तक आएँगे.
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