टोक्यो, 01 अगस्त। भारतीय शटलर पीवी सिंधु का आज अहम मुकाबला चीन की ही बिंगजिआयो के साथ है। बिंगजिआओं को दुनिया की बेहतरीन शटलर्ट में से एक माना जाता है जिस तरह से वह कोर्ट पर जबरदस्त फूर्ति और तकनीक का प्रदर्शन करती हैं वह किसी भी दूसरे प्रतिद्वंदी के लिए मुश्किल खड़ी कर सकता है। चीन की ही बिंगजिआयो पीवी सिंधु के खिलाफ अपनी पूरी ताकत झोंकने के इरादे से मैदान में उतरेंगी। दोनों ही खिलाड़ी इस मैच में कांस्य पदक के लिए भिड़ेंगी। गोल्ड मेडल की रेस से बाहर हो चुकी पीवी सिंधु आज का मैच जीतकर जरूर मेडल अपने नाम करने की कोशिश करेंगी। लेकिन इसके साथ ही उन्हें अपने प्रतिद्वंदी को बेहतर तरह से समझने की जरूरत है।
7 साल की उम्र में शुरू किया खेलना
बिंगजियाओ की बात करें तो जब वह महज 7 साल की थीं तो उन्होंने बैडमिंटन खेलना शुरू कर दिया था। उनके माता पिता भी खेल से जुड़े हैं, जिसकी वजह से बचपन में ही उन्हें इस खेल के लिए प्रेरणा मिलती रही। महज 13 साल की उम्र में बिंगजियाओ ने अपना अंतरराष्ट्रीय करियर शुरू कर दिया था। उन्होंने 2013 में वियतनाम ओपन में लड़कियों के सिंगल्स में समर यूथ ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीता था।
वर्ल्ड रैंकिंग 9
बिंगजियाओ की वर्ल्ड रैंकिंग की बात करें तो वह बीडब्ल्यूएफ की वर्ल्ड रैंकिंग में 9वे स्थान पर हैं। 2014 में यूथ ओलंपिक खेल में सिंगल्स में उन्होंने गोल्ड मेडल और मिक्स डबल्स में कांस्य पदक जीता था। वह दो बार जूनियर वर्ल्ड चैपियन भी रह चुकी हैं और उन्होंने पांच मेडल अभी तक वर्ल्ड जूनियर चैंपिनयशिप में जीते हैं। सीनियर लेवल पर भी बिंगजियाओ ने अपनी सफलता का सिलसिला जारी रखा। 24 साल की बिंगजियाओ ने 2018 में एशियन गेम्स में सिल्वर मेडल जीता था। इसके साथ ही वह मिक्स डबल्स, वूमेन्स डबल्स में भी कई खिताब अपने नाम कर चुकी हैं। बिंगजियाओ की सबसी बड़ी सफलता 2018 में वर्ल्ड चैंपियनशिप में कांस्य पदक है।
6 बार आमने-सामने
पीवी सिंधु के खिलाफ बिंगजियाओ की बात करें तो दोनों पहले भी एक दूसरे का सामना कर चुके हैं। दोनों के बीच अभी तक 9 बार मुकाबला हो चुका है। दोनों के बीच जितने भी मुकाबले हुए हैं वह काफी रोमांचक और करीबी रहे हैं। सेमीफाइनल मुकाबले में हार के बाद पीवी सिंधू इस मैच में जीत दर्ज करके निसंदेह अपनी निराशा को खत्म करने की कोशिश करेंगी। पीवी सिंधु और बिंगजियाओ के बीच मुकाबला आज शाम 5 बजे होगा।