रूस के खासव्युर्ट के एक प्रमुख एथलीट ने कुश्ती की दुनिया में महत्वपूर्ण प्रगति की है। कबार्डिनो-बाल्करीया में आठ साल की उम्र में अपनी यात्रा शुरू करते हुए, वह तब से इस खेल में एक उल्लेखनीय व्यक्ति बन गए हैं। वह रूस में सशस्त्र बलों (सीएसकेए) क्लब का प्रतिनिधित्व करते हैं और उनका प्रशिक्षण मागोमेड गुसेनोव द्वारा दिया जाता है।

| Season | Event | Rank |
|---|---|---|
| 2016 | Men's 125kg | Qualification |
| 2012 | Men's 120kg | G स्वर्ण |
उनका करियर कई पुरस्कारों से भरा हुआ है। उन्होंने 2012 के लंदन ओलंपिक खेलों में कांस्य पदक जीता था। इस उपलब्धि के लिए, उन्हें रूसी राष्ट्रपति से ऑर्डर फॉर मेरिट्स टू द फादरलैंड [दूसरा दर्जा] मिला। इसके अतिरिक्त, वह रूस में ऑनर्ड मास्टर ऑफ स्पोर्ट का खिताब रखते हैं।
उनकी यात्रा चुनौतियों से मुक्त नहीं रही है। 2012 के ओलंपिक के बाद उन्हें कंधे में गंभीर चोट लग गई थी। इससे पहले, पारा विषाक्तता के कारण वह 2008 की यूरोपीय चैंपियनशिप और बीजिंग ओलंपिक में भाग नहीं ले पाए थे। इन असफलताओं के बावजूद, वह अपने खेल में उत्कृष्टता प्राप्त करना जारी रखे हुए थे।
उन्होंने फ्रीस्टाइल और ग्रीको-रोमन दोनों तरह की कुश्ती में उत्कृष्टता प्राप्त करके अपनी बहुमुखी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। 2005 की विश्व जूनियर चैंपियनशिप में, उन्होंने फ्रीस्टाइल में स्वर्ण और ग्रीको-रोमन में कांस्य जीता। 2015 में, उन्होंने लास वेगास में विश्व चैंपियनशिप में दोनों शैलियों में कांस्य पदक जीते।
कुश्ती के अलावा, उन्हें अपने परिवार के साथ समय बिताना पसंद है। उनकी मूर्ति रूसी पहलवान मखच मुर्तज़ालिव हैं, जिन्होंने अपने पूरे करियर में उन्हें प्रेरित किया है।
आगे देखते हुए, उनका लक्ष्य उच्च स्तर पर प्रतिस्पर्धा जारी रखना है। उनकी योजनाओं में भविष्य की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेना और कुश्ती में अपनी उपलब्धियों को आगे बढ़ाना शामिल है।
इस एथलीट की यात्रा समर्पण और लचीलेपन को दर्शाती है। उनकी उपलब्धियाँ दुनिया भर में आकांक्षी पहलवानों के लिए प्रेरणा का काम करती हैं।