ब्रिमिन किपरुटो, जिनका मूल नाम फर्मिन किपरुटो है, केन्या के एक प्रसिद्ध एथलीट हैं। उनका निवास स्थान कॉर्कितॉनी, केन्या है, और वे अंग्रेजी भाषा में धाराप्रवाह हैं। किपरुटो ने 1999 में कॉर्कितॉनी प्राइमरी स्कूल में पढ़ते समय दौड़ना शुरू किया। 2004 में केन्या का प्रतिनिधित्व करते हुए उनका अंतर्राष्ट्रीय डेब्यू हुआ।

| Season | Event | Rank |
|---|---|---|
| 2016 | Men's 3000m Steeplechase | 6 |
| 2012 | Men's 3000m Steeplechase | 5 |
| 2008 | Men's 3000m Steeplechase | G स्वर्ण |
| 2004 | Men's 3000m Steeplechase | S रजत |
2004 में, किपरुटो ने केन्या के लिए अपना अंतर्राष्ट्रीय डेब्यू किया। यह वैश्विक मंच पर उनके करियर की शुरुआत थी, जहां उन्होंने दुनिया के कुछ सर्वश्रेष्ठ एथलीटों के खिलाफ प्रतिस्पर्धा की।
अपने करियर के दौरान किपरुटो को महत्वपूर्ण चुनौतियों का सामना करना पड़ा। 2011 में, एक एच्िलीज़ टेंडन की चोट के कारण वह ज़्यूरिख़ में डायमंड लीग के आयोजन में भाग लेने से चूक गए। यह असफलता उनकी एथलेटिक यात्रा में एक बड़ी बाधा थी।
किपरुटो एक पारिवारिक व्यक्ति हैं जिनके तीन बच्चे हैं। एक एथलीट के रूप में अपने व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद, वे अपने पेशेवर और व्यक्तिगत जीवन को प्रभावी ढंग से संतुलित करने में कामयाब होते हैं।
किपरुटो का नाम परिवर्तन एक दुर्घटना थी। फर्मिन के रूप में जन्मे, 2001 में उनके जन्म प्रमाण पत्र के आवेदन के दौरान एक लिपिकीय त्रुटि के कारण उनका नाम ब्रिमिन के रूप में दर्ज किया गया। उन्होंने नाम रखने का फैसला किया क्योंकि यह कंप्यूटर सिस्टम में दर्ज किया गया था।
किपरुटो केन्या के एक साथी लंबी दूरी के धावक मूसा किप्टानुई को अपना आदर्श मानते हैं। किप्टानुई की उपलब्धियाँ पूरे करियर में किपरुटो के लिए प्रेरणा का स्रोत रही हैं।
आगे देखते हुए, किपरुटो का लक्ष्य उच्च स्तर पर प्रतिस्पर्धा करना जारी रखना है और वे एथलीटों की अगली पीढ़ी को प्रेरित करना चाहते हैं। जैसे-जैसे वे अपने करियर में आगे बढ़ते हैं, उनकी समर्पण और दृढ़ता मजबूत बनी रहती है।
किपरुटो की यात्रा उनकी लचीलापन और एथलेटिक्स के प्रति जुनून का प्रमाण है। चोटों और असफलताओं का सामना करने के बावजूद, वे अपने खेल में उत्कृष्टता के लिए प्रयास करना जारी रखते हैं।