क्रिस्टीन गिरार्ड, एक प्रसिद्ध एथलीट और कोच, ने भारोत्तोलन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। कनाडा के रॉयिन-नोरंडा में जन्मीं, उन्होंने 10 साल की उम्र में भारोत्तोलन की यात्रा शुरू की। उनकी बड़ी बहन कैरोलीन ने उन्हें इस खेल को अपनाने के लिए प्रेरित किया, भले ही उनके माता-पिता शुरू में झिझक रहे थे।

| Season | Event | Rank |
|---|---|---|
| 2012 | Women's 63kg | G स्वर्ण |
| 2008 | Women's 63kg | B कांस्य |
क्रिस्टीन गिरार्ड ने 2001 में ग्रीस में कनाडा के लिए प्रतिस्पर्धा करते हुए अपना अंतर्राष्ट्रीय पदार्पण किया। उन्होंने 2012 के लंदन ओलंपिक में कांस्य पद जीतकर भारोत्तोलन में ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली कनाडाई महिला बनकर एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की।
गिरार्ड को 2011 से उनके पति वाल्टर बेली और जीन लेसन द्वारा प्रशिक्षित किया गया है। वह दाएँ पैर से चलती हैं और फ्रेंच और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में धाराप्रवाह हैं। वह अपने पति वाल्टर बेली और उनके दो बच्चों, फिलिप (जन्म 2014) और अलियाना (जन्म 2016) के साथ कनाडा के व्हाइट रॉक, बीसी में रहती हैं।
क्रिस्टीन गिरार्ड ने क्यूबेक शहर में क्यूबेक विश्वविद्यालय में उच्च शिक्षा प्राप्त की। भारोत्तोलन के अलावा, उन्हें पढ़ना पसंद है। उनका खेल दर्शन सरल लेकिन गहरा है: "जब तक हम अपने सपनों में विश्वास करते हैं और उन्हें सच करने के लिए काम करते हैं, तब तक हम हमेशा बेहतर कर सकते हैं।"
2006 में, गिरार्ड को एक गंभीर झटका लगा जब उन्हें दाहिने कंधे में चोट लग गई जिससे वे कई महीनों तक बाहर हो गईं। इस चुनौती के बावजूद, उन्होंने अपने खेल में उत्कृष्टता जारी रखी। वे अपने माता-पिता को अपने करियर में सबसे प्रभावशाली लोग मानती हैं और अपनी दादी को अपना आदर्श मानती हैं।
जुलाई 2024 तक, क्रिस्टीन गिरार्ड एक एथलीट और कोच दोनों के रूप में भारोत्तोलन की दुनिया में योगदान देना जारी रखती हैं। वह कनाडा के पीईआई के सरे में सेमी भारोत्तोलन क्लब से सक्रिय रूप से जुड़ी हुई हैं।
क्रिस्टीन गिरार्ड की अपनी बहन से प्रेरित एक युवा लड़की से लेकर ओलंपिक पदक विजेता तक की यात्रा भारोत्तोलन के प्रति उनके समर्पण और जुनून का प्रमाण है। उनकी कहानी खेल समुदाय में कई लोगों को प्रेरित करती रहती है।