
वनडे की तुलना में 10 साल पहले टी20 ने हासिल किया यह मुकाम
अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में टी20 प्रारूप जिस तरह से अपने फटाफट खेल के लिए जाना जाता है ठीक उसी तरह इस फॉर्मेट ने तेजी से 1 हजारी क्लब में एंट्री भी की। इस मुकाम पर पहुंचने के लिए जहां वनडे क्रिकेट को 24 साल लगे थे वहीं टी20 फॉर्मेट ने महज 14 साल में इसे हासिल कर लिया। लोगों के बीच क्रिकेट की लोकप्रियता बनाये रखने के लिए अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में रफ्तार बढ़ाने की जरूरत महसूस हुई और जैसा कहा जाता है जरूरत ही आविष्कार की जननी होती है। वैसे ही अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट की इस जरूरत ने टी20 फॉर्मेट को जन्म दिया।
पहले टी20 इंटरनैशनल की बात करें तो 17 फरवरी 2005 को न्यू जीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला गया। ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया और अपने कप्तान रिकी पॉन्टिंग के नाबाद 98 रनों की बदौलत 20 ओवरों में पांच विकेट पर 214 रनों का विशाल स्कोर बनाया। जवाब में न्यू जीलैंड की टीम 20 ओवरों में 170 रनों पर ऑल आउट हो गई। ऑस्ट्रेलिया ने यह मैच 44 रनों से जीता।

इस टीम ने खेले हैं सबसे ज्यादा टी20 मैच
26 अप्रैल 2018 को आईसीसी अपने सभी मेम्बर देशों को टी20 इंटरनैशनल का दर्जा दे दिया था। इसके बाद से सभी 104 देशों की पुरुष और महिला टीमें टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट खेलते हैं। इसी के अंतर्गत पहली बार 2020 में ऑस्ट्रेलिया की मेजबानी में होने वाले टी20 विश्व कप में 16 टीमें भिड़ रही हैं। टी20 प्रारूप के 14 साल के इतिहास पर नजर डालें तो सबसे ज्यादा अंतर्राष्ट्रीय टी20 मैच खेलने में पाकिस्तान का नाम सबसे ऊपर है। टी20 के 1000 मैचों के इतिहास में पाकिस्तान की टीम ने 147 मुकाबले खेले हैं, जिसमें से उसे 90 मैचों में जीत और 53 मैचों मे हार मिली हैं जबकि 3 मैच टाई रहे है। एक टाई मैच भारत के खिलाफ पहले टी20 वर्ल्ड कप (2007) था, जिसमें भारत ने बॉल आउट से मुकाबला जीता था।
इस लिस्ट में न्यूजीलैंड की टीम दूसरे नंबर पर है जिसने 123 टी20 इंटरनैशनल मुकाबले खेले हैं जिसमें से 60 जीते हैं और 55 हारे हैं। वहीं श्रीलंका ने 123 टी20 इंटरनैशनल मैच खेले हैं और वह इस लिस्ट में तीसरे पायदान पर है। वहीं भारत इस लिस्ट में चौथे नंबर पर है जिसने 121 में से 74 मैचों में जीत हासिल की है और 43 हारे हैं और 1 मैच टाई रहा है।

बारिश की वजह से हुआ था वनडे का जन्म, जानें कैसे
क्रिकेट के परंपरागत रूप में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहला बदलाव वनडे क्रिकेट के रूप में आया। पहला एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मुकाबला ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच 5 जनवरी 1971 में खेला गया। जबकि 1000 वां ODI मुकाबला 24 मई 1995 को इंग्लैंड और वेस्ट इंडीज के बीच खेला गया था। ODI में 1000 का आंकड़ा छूने में अतंर्राष्ट्रीय क्रिकेट को 24 साल लग गये। 55 ओवरों के इस मैच में इंग्लैंड ने 9 विकेट पर 199 रन बनाए थे और वेस्ट इंडीज ने 53वें ओवर में 5 विकेट पर 201 रन बनाकर मैच जीत लिया था।
वहीं वनडे क्रिकेट का पहला मैच बारिश की देन कहा जाये तो गलत नहीं होगा। असल में यह एक टेस्ट मैच होना था लेकिन बारिश के कारण यह धुल गया। अब दर्शकों की भरपाई करने के लिए 40 ओवरों का एक मैच खेला गया लेकिन इससे पहले ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट बोर्ड के तत्कालीन अध्यक्ष डॉन ब्रैडमैन और एमसीसी के प्रेजिडेंट क्रिल हॉक के बीच कई बैठकें हुईं। और आखिरकार इस मैच को आधिकारिक मैच का दर्जा देने पर सहमति बनी।
40 ओवरों के इस मैच में इंग्लैंड ने 190 रन बनाए और ऑस्ट्रेलिया ने 34.6 ओवरों में 5 विकेट पर 191 रन बनाकर मैच जीत लिया। उस दौर में एक ओवर में 8 गेंद फेंकी जाती थीं।
इस मैच को देखने के लिए मेलबर्न के मैदान पर 46006 दर्शक मौजूद थे। गौरतलब है कि क्रिकेट के इतिहास का पहला टेस्ट मैच भी इन्हीं दोनों टीमों के बीच इसी मेलबर्न के मैदान पर ही खेला गया था।


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