नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 3 से 14 अकटूबर तक चलने वाले खेलों के महाकुंभ, राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा लेने के लिए रविवार को विदेशी खिलाड़ियों और अधिकारियों का बड़ा हुजूम यहां पहुंचा।
नारफोक द्वीप, कनाडा, केन्या, नाइजीरिया, स्कॉटलैंड, तंजानिया, लेसोथो, रवांडा, वेल्स, इंग्लैंड, इस्ले ऑफ मैन, जर्सी, बरमुंडा, जमैका, त्रिनिदाद एवं टोबैगो तथा ब्रिटिश विर्जिन द्वीप के लगभग 1100 खिलाड़ी रविवार को दिल्ली पहुंचे।
आयोजन समिति की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि रविवार को जिन देशों से खिलाड़ियों का बड़ा दल दिल्ली पहुंचा है, उनमें केन्या (112), नाइजीरिया (69) और स्कॉटलैंड (60) शामिल हैं।
यहीं पर कई अफ्रीकी राष्ट्रमंडल देशों के राजनयिकों ने रविवार को कहा कि खेलगांव में उनके खिलाड़ियों के लिए सुविधाओं में थोड़ा सुधार हुआ है, लेकिन सोमवार शाम एक और निरीक्षण के बाद ही वह अपनी पूरी टीम की रवानगी के बारे में अंतिम फैसला करेंगे। ज्ञात हो कि दक्षिणी अफ्रीकी दस्ते के लिए आवंटित खेलगांव के एक कमरे में रविवार को सांप पाया गया। इसके बाद यहां दक्षिण अफ्रीका के आयुक्त हैरिस म्बुलेलो सिथेम्बिले माजेके ने घोषणा की कि जब तक सबकुछ दुरुस्त नहीं हो जाता, उनके खिलाड़ी खेलगांव में नहीं रुकेंगे।
उच्चायुक्त ने कहा, "सांप हमारे खिलाड़ियों की जिंदगी के लिए खतरा बन सकता है। यह बहुत निराशाजनक है। दरअसल, बेसमेंट पानी से भरा हुआ था और सीढ़ियों में भी सीलन था। यदि सांप पाया जाता है तो हम अपने खिलाड़ियों से ऐसे खतरनाक स्थिति में रहने के लिए नहीं कह सकते।" त्रिनिदाद एवं टोबैगो के अधिकारियों ने हालांकि खेलगांव में उपलब्ध सुविधाओं की प्रशंसा की लेकिन उन्होंने कहा कि बाकी बचे कार्यो के पूरा होने तक उनकी टीम होटलों में ही रुकेगी।
टीम के एक अधिकारी जॉन मेलो ने कहा, "सुविधाएं अद्भुत हैं, लेकिन वहां अभी बहुत सारा काम करना बाकी है। इसी कारण हमने फिलहाल खेलगांव के बदले होटलों में रुकने का विकल्प चुना है। यह आयोजन भारत में होने वाली बड़ी शादियों जैसा ही है। लेकिन हमें मच्छरों से ज्यादा चिंता है। क्योंकि इसके चलते डेंगू होने का डर है।"
स्कॉटलैंड की टीम के एक अधिकारी ने कहा कि आवारा कुत्ते खेलगांव में खिलाड़ियों के लिए लगातार खतरा बने हुए हैं। अधिकारी ने कहा, "हमने अब तक किसी भी अन्य खेलगांव में आवारा कुत्तों को नहीं देखा था। यह हमारे लिए बहुत ही अचरज की बात है और यह खिलाड़ियों के लिए खतरा भी पैदा करता है।"