राष्ट्रमंडल खेल : कृष्णा से जवाब-तलब कर सकते हैं राष्ट्रमंडल के विदेश मंत्री
नई दिल्ली में राष्ट्रमंडल खेलों की शुरुआत से एक सप्ताह पूर्व विदेश मंत्री एस.एम.कृष्णा को न्यूयार्क में राष्ट्रमंडल समूह के 53 देशों के विदेश मंत्रियों के कठिन प्रश्नों का सामना करना पड़ सकता है। कृष्णा संयुक्त राष्ट्र महासभा के इतर मौके पर होने वाली राष्ट्रमंडल देशों के विदेश मंत्रियों की एक वार्षिक बैठक में 27 सितम्बर को हिस्सा लेंगे।
पुरानी दिल्ली स्थित 16वीं शताब्दी की जामा मस्जिद के पास रविवार को हुई गोलीबारी की एक घटना के बाद ब्रिटेन और आस्ट्रेलिया जैसे देशों को यात्रा परामर्श जारी करना पड़ा था। ऐसे में तीन से 14 अक्टूबर तक चलने वाले खेलों के लिए सुरक्षा बंदोबस्त के मुद्दे पर कृष्णा को समूह के अन्य देशों के विदेश मंत्रियों के कठिन प्रश्नों का सामना करना पड़ सकता है।
वर्ष 1982 में हुए एशियाई खेलों के बाद भारत में यह सबसे बड़ा आयोजन है। इस आयोजन में 71 देशों के कोई 7,000 खिलाड़ियों और अधिकारियों के हिस्सा लेने की संभावना है।लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि पिछले कुछ महीनों के दौरान राजधानी में डेंगू के 2,500 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे में कृष्णा के साथ यात्रा पर गए अधिकारी स्वास्थ्य के मुद्दे पर राष्ट्रमंडल देशों के विदेश मंत्रियों की ओर से संभावित प्रश्नों का जवाब तैयार करने में जुटे हुए हैं।
एक सप्ताह पहले विदेश सचिव निरूपमा राव सहित शीर्ष अधिकारियों ने राष्ट्रमंडल देशों के मिशन प्रमुखों को दिल्ली में संबोधित किया था और उन्हें भरोसा दिलाया था कि आने वाले अधिकारियों और खिलाड़ियों की खेलों के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित कराने के लिए सभी कदम उठाए जा रहे हैं।
राजनयिकों के समक्ष सुरक्षा बंदोबस्त सहित खेलों के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत प्रस्तुतिकरण भी दिया गया था।कई विदेशी टीमों ने खेल गांव की दशा के बारे में शिकायत की है। कुछ ने तो खेल गांव को गंदा और रहने के अयोग्य तक करार दे दिया है।खेलों के मुख्य आयोजन स्थल जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में बुधवार को छत का एक हिस्सा गिर गया। इसके एक दिन पहले उसी स्टेडियम के पास एक निर्माणाधीन फुट ओवर ब्रिज गिर गया था, जिसमें 27 श्रमिक घायल हो गए थे।
पुरानी दिल्ली स्थित 16वीं शताब्दी की जामा मस्जिद के पास रविवार को हुई गोलीबारी की एक घटना के बाद ब्रिटेन और आस्ट्रेलिया जैसे देशों को यात्रा परामर्श जारी करना पड़ा था। ऐसे में तीन से 14 अक्टूबर तक चलने वाले खेलों के लिए सुरक्षा बंदोबस्त के मुद्दे पर कृष्णा को समूह के अन्य देशों के विदेश मंत्रियों के कठिन प्रश्नों का सामना करना पड़ सकता है।
वर्ष 1982 में हुए एशियाई खेलों के बाद भारत में यह सबसे बड़ा आयोजन है। इस आयोजन में 71 देशों के कोई 7,000 खिलाड़ियों और अधिकारियों के हिस्सा लेने की संभावना है।लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि पिछले कुछ महीनों के दौरान राजधानी में डेंगू के 2,500 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे में कृष्णा के साथ यात्रा पर गए अधिकारी स्वास्थ्य के मुद्दे पर राष्ट्रमंडल देशों के विदेश मंत्रियों की ओर से संभावित प्रश्नों का जवाब तैयार करने में जुटे हुए हैं।
एक सप्ताह पहले विदेश सचिव निरूपमा राव सहित शीर्ष अधिकारियों ने राष्ट्रमंडल देशों के मिशन प्रमुखों को दिल्ली में संबोधित किया था और उन्हें भरोसा दिलाया था कि आने वाले अधिकारियों और खिलाड़ियों की खेलों के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित कराने के लिए सभी कदम उठाए जा रहे हैं।
राजनयिकों के समक्ष सुरक्षा बंदोबस्त सहित खेलों के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत प्रस्तुतिकरण भी दिया गया था।कई विदेशी टीमों ने खेल गांव की दशा के बारे में शिकायत की है। कुछ ने तो खेल गांव को गंदा और रहने के अयोग्य तक करार दे दिया है।खेलों के मुख्य आयोजन स्थल जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में बुधवार को छत का एक हिस्सा गिर गया। इसके एक दिन पहले उसी स्टेडियम के पास एक निर्माणाधीन फुट ओवर ब्रिज गिर गया था, जिसमें 27 श्रमिक घायल हो गए थे।
Story first published: Monday, November 13, 2017, 11:22 [IST]
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