लंदन/मेलबर्न/नई दिल्ली । नई दिल्ली में तीन अक्टूबर से शुरू हो रहे 19वें राष्ट्रमंडल खेलों का आधिकारिक उद्घाटन ब्रिटिश राजपरिवार के वारिस राजकुमार चार्ल्स नहीं बल्कि भारत की राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील करेंगी। ब्रिटेन के समाचार पत्र 'डेली मेल' ने भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के एक उच्चाधिकारी के हवाले से इस खबर की पुष्टि की है।
'डेली मेल' के मुताबिक राष्ट्रमंडल खेलों के 44 वर्ष के इतिहास में पहली बार ऐसा होगा कि ब्रिटिश राजपरिवार को उद्घाटन की उद्घोषणा से महरूम किया जाएगा। आमतौर पर राष्ट्रमंडल खेलों का उद्घाटन ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय करती रहीं हैं लेकिन इस बार वह इसके लिए भारत नहीं जा रही हैं।
इसको देखते हुए राजकुमार चार्ल्स को राजपरिवार का प्रतिनिधित्व करने के लिए भारत भेजा रहा है लेकिन इसके बावजूद चार्ल्स अन्य अतिविशिष्ठ अतिथियों की तरह उद्घाटन समारोह में हिस्सा लेंगे। पत्र लिखता है कि इसे देखते हुए भारत सरकार और राजपरिवार के सरकारी दफ्तर क्लेरेंस हाउस के बीच कूटनीति स्तर पर खींचतान हो सकती है।
क्लेरेंस हाउस ने अब भी कहा है कि उद्घाटन का काम चार्ल्स ही करेंगे क्योंकि राष्ट्रमंडल देशों की प्रमुख महारानी का सबसे बड़ा वारिस होने के नाते उनका यह अधिकार बनता है। महारानी ने व्यस्त कार्यक्रम के कारण भारत जाने से इंकार कर दिया है। ऐसे में चार्ल्स ब्रिटिश राजपरिवार की अगुआई करेंगे।
उद्घाटन के विवाद को लेकर अगर चार्ल्स जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आगामी रविवार को होने वाले समारोह में हिस्सा नहीं लेते हैं तो यह 44 वर्ष से चली आ रही परंपरा का अंत होगा।
नहीं आएंगी टेनिस खिलाड़ी बालाटाचा
रविवार को सामने आई इस खबर पर राष्ट्रमंडल देशों की नजर है जबकि भारत में कार्यरत आयोजन समिति को खिलाड़ियों के लगातार नाम वापस लेने की चिंता खाए जा रही है। इसका कारण यह है कि ब्रिटेन की सर्वोच्च वरीयता प्राप्त महिला टेनिस खिलाड़ी एलिना बालटाचा सहित कुल तीन खिलाड़ियों ने भारत जाने से इंकार कर दिया है।
रविवार को अपना नाम वापस लेने वाले खिलाड़ियों ने साफ-सफाई और सुरक्षा को चिंता का विषय बताया है। बालटाचा के अलावा आस्ट्रेलिया के साइकिल चालक ट्रेविस मायेर और महिला टेबल टेनिस खिलाड़ी स्टेफाने सांग शामिल हैं। इन तीनों खिलाड़ियों ने सुरक्षा और स्वास्थ्य कारणों से नाम वापस लिया है।
बालटाचा ने कहा है कि वह खेल गांव में साफ-सफाई को लेकर डरी हुई हैं। बालटाचा पांचवीं ऐसी टेनिस स्टार हैं, जिन्होंने नई दिल्ली जाने से इंकार कर दिया है। इससे पहले आस्ट्रेलिया लेटन हेविट और समांथा स्टोसुर, ब्रिटेन के एंडी मरे और साइप्रस के मार्कस बघदातिस ने भारत जाने से इंकार कर दिया था।
बालटाचा विश्व की 50वीं वरीयता प्राप्त महिला टेनिस स्टार हैं। वह भारत जाने के लिए सहर्ष तैयार थीं लेकिन खेल गांव में साफ-सफाई को लेकर सामने आई खबरों के बाद उन्होंने अपना मन बदल दिया। समाचार पत्र 'डेली टेलीग्राफ' ने बालटाचा के हवाले से लिखा है, "मैं साफ-सफाई की कमी के कारण भारत नहीं जा रही हूं। साथ ही मुझे डेंगू का भी डर है। मेरे लिए यह बेहद गंभीर बात है। यह मेरा व्यक्तिगत फैसला है।"
3 खिलाड़ी पीछे हटे
इससे ठीक पहले, मायेर और सांग ने नाम वापस लिया। एक सप्ताह के भीतर तीसरे आस्ट्रेलियाई खिलाड़ी ने खेलों से नाम वापस लिया है। डिस्क्स थ्रो की विश्व चैम्पियन डानी सैमुएल्स के नाम वापस लेने के बाद आस्ट्रेलियाई राष्ट्रमंडल खेल संघ के अध्यक्ष पैरी क्रॉसव्हाइट ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया था।
क्रासव्हाइट ने मायेर और सांग का नाम वापस लेना भी बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। खेलों के शुरू होने से ठीक पहले इन खिलाड़ियों ने नाम वापस लेकर अच्छे अनुभव से खुद को महरूम कर लिया है।
क्रासव्हाइट ने कहा, "मैं निराश हूं। जो खिलाड़ी नाम वापस ले रहे हैं, उन्हें अच्छा अनुभव मिलता। हम इस बात की गारंटी लेकर चल रहे हैं कि भारत में सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था रहेगी लेकिन इसके बावजूद खिलाड़ियों का नाम वापस लेना दुखदाई है।" क्रासव्हाइट ने कहा कि सांग ने खासतौर पर सुरक्षा कारणों से नाम वापस लिया है। इसे देखते हुए सीजीएफ से उनका स्थानापन्न टीम में शामिल करने की इजाजत मांगी जाएगी। दूसरी ओर, मायेर ने डेंगू के डर से नाम वापस लिया है। वह इन दिनों आस्ट्रेलियाई साइकिल दल के साथ स्विट्जरलैंड में अभ्यासरत हैं। मायेर ने राष्ट्रमंडल खेलों की बजाय अपने पेशेवर टीम के साथ बने रहने का फैसला किया है।
काम अब भी जारी
इस बीच, एक तरफ जहां विदेशी टीमों के खिलाड़ी और अधिकारी सुरक्षा व्यवस्था पर प्रमुखता से नजर रखे हुए हैं वहीं दिल्ली पुलिस जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम सहित प्रमुख आयोजन स्थलों पर नाकेबंदी का काम अब तक पूरा नहीं कर सकी है। इसका कारण यह है कि इन स्थानों पर अब भी निर्माण कार्य चल रहा है। सुरक्षा एजेंसियां, खासतौर पर दिल्ली पुलिस अब तक आयोजन स्थलों को अपनी निगरानी में नहीं ले सकी हैं। शनिवार रात तक सुरक्षा एजेंसियां आयोजन स्थलों पर अपना सुरक्षा घेरा तैयार नहीं कर सकी थीं। इस संबंध में दिल्ली पुलिस का कहना है कि नेहरू स्टेडियम में भी काम जारी है।
अधिकारी ने कहा, "मुख्य आयोजन स्थल नेहरू स्टेडियम में अभी भी काम जारी है। हमें कहा गया है कि इस स्टेडियम को रविवार रात तक सुरक्षा एजेंसियों के हवाले किया जाएगा। साथ ही खेल गांव को हमारे हवाले करने के लिए सोमवार का दिन तय किया गया है।" केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम ने 23 सितम्बर को एक चेतावनी जारी करते हुए कहा था कि आयोजन समिति आयोजन स्थलों पर काम जल्द से जल्द निपटाकर स्टेडियमों को सुरक्षा एजेंसियों के हवाले कर दें, जिसके कि दिल्ली पुलिस अपना सुरक्षा घेरा तैयार कर सके।
स्टेडियमों की सुरक्षा के लिए 85,000 पुलिकर्मियों की तैनाती दिल्ली पुलिस की ओर से की जाएगी। इनमें सादी वर्दी वाले पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। साथ ही साथ 20,000 अर्धसैनिक बलों की तैनाती स्टेडियमों और आयोजन से जुड़े अन्य स्थानों पर की गई है। राष्ट्रमंडल खेलों में 71 देशों के 7000 खिलाड़ी और अधिकारी शिरकत करेंगे। यह 1982 के बाद भारत में होने वाला अब तक का सबसे बड़ा खेल आयोजन है।