राष्ट्रमंडल खेल : खिलाड़ी खुश हुए
नई दिल्ली। राष्ट्रमंडल खेलों के लिए तैयार किया गया जो खेलगांव महीनों से दुर्व्यवस्थाओं के लिए बदनाम हो रहा है, वही खेलगांव अब खिलाड़ियों के लिए एक सुखद आश्चर्य बन गया है। सोमवार अपराह्न् विभिन्न देशों के 1,000 खिलाड़ियों और अधिकारियों ने खेलगांव में डेरा डाला और उनमें से अधिकांश ने वहां के बंदोबस्त से काफी खुश नजर आए।
खुशी जाहिर करने वालों में दक्षिण अफ्रीका के उच्चायुक्त हैरिस म्बुलेलो सिथेम्बिले माजेके सबसे आगे रहे। ये वहीं माजेके हैं, जिन्होंने रविवार को यह कह कर खेलगांव की खिल्ली उड़ाई थी कि उनके देश के खिलाड़ियों को आवंटित अपार्टमेंट में सांप देखा गया। लेकिन सोमवार को उनका पूरा मिजाज बदला हुआ था।
माजेके ने यहां संवाददाताओं को बताया, "हमें आशा है कि भारत खेलों का यादगार आयोजन करेगा।"उधर खेलगांव पहुंचे खिलाड़ियों ने कहा कि खेलगांव में स्थिति में हुए उल्लेखनीय सुधार को देखकर वे काफी खुश हैं, क्योंकि साफ-सफाई का काम युद्ध स्तर पर जारी है।
ज्ञात हो कि लगभग 1,100 खिलाड़ियों, अधिकारियों एवं मीडियाकर्मियों का हुजूम रविवार को दिल्ली पहुंचा था और सोमवार रात तक 550 और खिलाड़ियों का दस्ता पहुंचने की संभावना है।सोमवार को पहुंचने वाले दलों में दक्षिण अफ्रीका और स्कॉटलैंड शामिल हैं। दक्षिण अफ्रीकी दल में जहां 113 लोग शामिल होंगे जबकि स्कॉटलैंड के दल में 77 खिलाड़ी और अधिकारी होंगे।
इसके अलावा इंग्लैंड के 61, आस्ट्रेलिया के 59 और कनाडा के 30 खिलाड़ियों और अधिकारियों का दल सोमवार को भारत पहुंचेगा।राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में सर्वाधिक संख्या में मीडियाकर्मी नई दिल्ली पहुंचेंगे। इन खेलों में 71 देशों के कुल 7000 खिलाड़ी और अधिकारी शिरकत करेंगे।
खिलाड़ियों के खेलगांव पहुंचने के साथ ही हेलीकॉप्टर आसमान में अपनी उड़ान भरने शुरू कर दिए। सड़कों पर सुरक्षा चुस्त कर दी गई है और राज्यों को आतंकी हमलों के खिलाफ नया अलर्ट जारी कर दिया गया है।एक सुरक्षा अधिकारी ने आईएएनएस को बताया कि आसमान से होने वाले हमलों की निगरानी के लिए मानवरहित हवाई वाहनों (यूएवी) को भी लगाया गया है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने सोमवार को एक गोल्फ कार्ट में बैठकर खेलगांव का भ्रमण किया और सफाई अभियान में प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि खेलगांव को बेहतरीन बनाने के लिए सभी कदम उठाए जा रहे हैं।खिलाड़ियों की यात्रा टालने वाले स्कॉटलैंड की टीम ने भी सोमवार को खेलगांव में प्रवेश किया और उसके खिलाड़ी वहां की सुविधाओं से काफी प्रसन्न दिखाई दिए।
स्कॉटलैंड की तीरंदाज क्लौडिन जेन्निंग ने आईएएनएस को बताया, "हम यहां की सभी सुविधाओं से वाकई में खुश हैं। हम तीरंदाजी स्थल पर भी गए थे और वहां का हराभरा मैदान हमें बहुत सुखद लगा। विश्व चैंपियनशिप्स में हमने अभी तक जितने सर्वश्रेष्ठ मैदान देखे हैं, यहां की सुविधा भी वैसी है।"जेन्निंग ने कहा कि यहां का खाना बहुत अच्छा है।
फाकलैंड द्वीप के माइक समर ने कहा, "मैं 22 सितम्बर को आया। उस समय स्थिति बहुत खराब थी। उस समय मीडिया में आई सभी नकारात्मक खबरें सही साबित हो रहीं थीं। लेकिन तब से अब की स्थितियों में बहुत सुधार हुआ है। मैंने कई बार आवास की जांच की और अब मैं प्रगति से संतुष्ट हूं।"
दूसरी ओर केन्या अभी यहां के बंदोबस्त से नाखुश है। केन्या खेमे ने कहा कि अभी बहुत कुछ करना बाकी है।केन्या के एक प्रतिनिधि ने आईएएनएस से शिकायत की, "हम रविवार को यहां पहुंचे। हमारा अनुभव औसत दर्जे का रहा।"केन्याई टीम के एक अधिकारी रुथ मुएनी जिओका ने कहा, "कमरे और साफ हो सकते हैं..।"
इस बीच शहर में ब्लूलाइन बसों को बंद किए जाने तथा खेलों के लिए बनाई गई अलग लेन पर यातायात प्रतिबंधित किए जाने के कारण शहर में जगह-जगह जाम देखा गया तथा मेट्रो रेल में भीड़ बढ़ गई। हालांकि सड़कों पर यातायात कम करने के कदम के सिलसिले में शहर के सभी स्कूलों-कॉलेजों को पहली अक्टूबर से 14 अक्टूबर तक बंद कर दिया गया है।इन सब तैयारियों के बीच केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने भरोसा जताया है कि खेलों का आयोजन सही और सहज तरीके से संपन्न होगा।
केरल के एक समाचार चैनल को मुखर्जी ने बताया, "मुझे पूरा भरोसा है कि खेल सहज तरीके से संपन्न होगा, और देश को यह देखकर खुशी होगी कि आयोजन सही एवं सहज तरीके से आयोजित किया जा रहा है।"लेकिन इस सबके बीच नया प्रश्न यह खड़ा हुआ है कि खेलों के इस 19वें आयोजन का उद्घाटन कौन करेगा?
आयोजन समिति के सूत्रों ने सोमवार को कहा कि राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील और ब्रिटेन के प्रिंस चार्ल्स, राष्ट्रमंडल की प्रमुख रानी एलिजाबेथ की अनुपस्थिति में समारोह का उद्घाटन कर सकते हैं।
बीबीसी के मुताबिक राष्ट्रपति कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार खेलों का उद्घाटन कौन करेगा, अभी इस बारे में निर्णय नहीं लिया जा सका है। लेकिन प्रिंस ऑफ वेल्स कार्यालय ने कहा है कि प्रिंस चार्ल्स, रानी के प्रतिनिधि के रूप में आयोजन का उद्घाटन करेंगे।बहरहाल आयोजन समिति के सूत्रों ने बताया कि इस सम्बंध में आयोजन समिति और भारत एवं ब्रिटिश सरकार के बीच बातचीत जारी है।
आयोजन समिति के एक अधिकारी ने नाम जाहिर न करने की शर्त पर आईएएनस से कहा, "आयोजन समिति के अध्यक्ष सुरेश कलमाडी और कैबिनेट सचिव के.एम. चंद्रशेखर उद्घाटन कार्यक्रम के बारे में जल्द ही विचार-विमर्श करेंगे। ऐसा समाधान निकालने की कोशिश की जा रही जो सभी को मान्य हो।"परंपरा के अनुसार 19वें राष्ट्रमंडल खेलों का उद्घाटन महारानी एलीजाबेथ को करना चाहिए।
इस बीच सर्वोच्च न्यायालय ने आयोजन समिति के अध्यक्ष सुरेश कलमाडी को बर्खास्त करने के लिए दायर की गई एक याचिका खारिज कर दी। याची ने खेल की तैयारियों के लिए किए गए करोड़ों रुपये के सौदों में व्याप्त कथित अनियमितता की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग की थी।
यहीं पर मुख्यमंत्री दीक्षित ने राष्ट्रमंडल खेल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी माइक हूपर (सीईओ) द्वारा दिल्ली की जनसंख्या को लेकर दिए गए बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की।दीक्षित ने हूपर के बयान को 'कठोर एवं कूटनीतिक मूल्यों के प्रतिकूल' करार दिया है।शीला ने संवाददाताओं से कहा, "यह बहुत ही कठोर एवं 'कूटनीतिक मूल्यों के प्रतिकूल' है।"
शीला ने अपने आवास पर एक समारोह के दौरान कहा, "हम बहुत मेहनत कर रहे हैं और काम जल्दी ही पूरे हो जाएंगे। हमने बहुत की मुश्किल घड़ी में खेल गांव को अपने हाथ में लिया है।"उल्लेखनीय है कि 3 से 14 अक्टूबर यानी 11 दिन तक चलने वाले राष्ट्रमंडल खेलों में 71 देशों के लगभग 7,000 एथलीट एवं अधिकारी भाग लेने जा रहे हैं। भारत की मेजबानी में 1982 में हुए एशियाई खेलों के बाद यह सबसे बड़ा आयोजन है।
खुशी जाहिर करने वालों में दक्षिण अफ्रीका के उच्चायुक्त हैरिस म्बुलेलो सिथेम्बिले माजेके सबसे आगे रहे। ये वहीं माजेके हैं, जिन्होंने रविवार को यह कह कर खेलगांव की खिल्ली उड़ाई थी कि उनके देश के खिलाड़ियों को आवंटित अपार्टमेंट में सांप देखा गया। लेकिन सोमवार को उनका पूरा मिजाज बदला हुआ था।
माजेके ने यहां संवाददाताओं को बताया, "हमें आशा है कि भारत खेलों का यादगार आयोजन करेगा।"उधर खेलगांव पहुंचे खिलाड़ियों ने कहा कि खेलगांव में स्थिति में हुए उल्लेखनीय सुधार को देखकर वे काफी खुश हैं, क्योंकि साफ-सफाई का काम युद्ध स्तर पर जारी है।
ज्ञात हो कि लगभग 1,100 खिलाड़ियों, अधिकारियों एवं मीडियाकर्मियों का हुजूम रविवार को दिल्ली पहुंचा था और सोमवार रात तक 550 और खिलाड़ियों का दस्ता पहुंचने की संभावना है।सोमवार को पहुंचने वाले दलों में दक्षिण अफ्रीका और स्कॉटलैंड शामिल हैं। दक्षिण अफ्रीकी दल में जहां 113 लोग शामिल होंगे जबकि स्कॉटलैंड के दल में 77 खिलाड़ी और अधिकारी होंगे।
इसके अलावा इंग्लैंड के 61, आस्ट्रेलिया के 59 और कनाडा के 30 खिलाड़ियों और अधिकारियों का दल सोमवार को भारत पहुंचेगा।राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में सर्वाधिक संख्या में मीडियाकर्मी नई दिल्ली पहुंचेंगे। इन खेलों में 71 देशों के कुल 7000 खिलाड़ी और अधिकारी शिरकत करेंगे।
खिलाड़ियों के खेलगांव पहुंचने के साथ ही हेलीकॉप्टर आसमान में अपनी उड़ान भरने शुरू कर दिए। सड़कों पर सुरक्षा चुस्त कर दी गई है और राज्यों को आतंकी हमलों के खिलाफ नया अलर्ट जारी कर दिया गया है।एक सुरक्षा अधिकारी ने आईएएनएस को बताया कि आसमान से होने वाले हमलों की निगरानी के लिए मानवरहित हवाई वाहनों (यूएवी) को भी लगाया गया है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने सोमवार को एक गोल्फ कार्ट में बैठकर खेलगांव का भ्रमण किया और सफाई अभियान में प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि खेलगांव को बेहतरीन बनाने के लिए सभी कदम उठाए जा रहे हैं।खिलाड़ियों की यात्रा टालने वाले स्कॉटलैंड की टीम ने भी सोमवार को खेलगांव में प्रवेश किया और उसके खिलाड़ी वहां की सुविधाओं से काफी प्रसन्न दिखाई दिए।
स्कॉटलैंड की तीरंदाज क्लौडिन जेन्निंग ने आईएएनएस को बताया, "हम यहां की सभी सुविधाओं से वाकई में खुश हैं। हम तीरंदाजी स्थल पर भी गए थे और वहां का हराभरा मैदान हमें बहुत सुखद लगा। विश्व चैंपियनशिप्स में हमने अभी तक जितने सर्वश्रेष्ठ मैदान देखे हैं, यहां की सुविधा भी वैसी है।"जेन्निंग ने कहा कि यहां का खाना बहुत अच्छा है।
फाकलैंड द्वीप के माइक समर ने कहा, "मैं 22 सितम्बर को आया। उस समय स्थिति बहुत खराब थी। उस समय मीडिया में आई सभी नकारात्मक खबरें सही साबित हो रहीं थीं। लेकिन तब से अब की स्थितियों में बहुत सुधार हुआ है। मैंने कई बार आवास की जांच की और अब मैं प्रगति से संतुष्ट हूं।"
दूसरी ओर केन्या अभी यहां के बंदोबस्त से नाखुश है। केन्या खेमे ने कहा कि अभी बहुत कुछ करना बाकी है।केन्या के एक प्रतिनिधि ने आईएएनएस से शिकायत की, "हम रविवार को यहां पहुंचे। हमारा अनुभव औसत दर्जे का रहा।"केन्याई टीम के एक अधिकारी रुथ मुएनी जिओका ने कहा, "कमरे और साफ हो सकते हैं..।"
इस बीच शहर में ब्लूलाइन बसों को बंद किए जाने तथा खेलों के लिए बनाई गई अलग लेन पर यातायात प्रतिबंधित किए जाने के कारण शहर में जगह-जगह जाम देखा गया तथा मेट्रो रेल में भीड़ बढ़ गई। हालांकि सड़कों पर यातायात कम करने के कदम के सिलसिले में शहर के सभी स्कूलों-कॉलेजों को पहली अक्टूबर से 14 अक्टूबर तक बंद कर दिया गया है।इन सब तैयारियों के बीच केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने भरोसा जताया है कि खेलों का आयोजन सही और सहज तरीके से संपन्न होगा।
केरल के एक समाचार चैनल को मुखर्जी ने बताया, "मुझे पूरा भरोसा है कि खेल सहज तरीके से संपन्न होगा, और देश को यह देखकर खुशी होगी कि आयोजन सही एवं सहज तरीके से आयोजित किया जा रहा है।"लेकिन इस सबके बीच नया प्रश्न यह खड़ा हुआ है कि खेलों के इस 19वें आयोजन का उद्घाटन कौन करेगा?
आयोजन समिति के सूत्रों ने सोमवार को कहा कि राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील और ब्रिटेन के प्रिंस चार्ल्स, राष्ट्रमंडल की प्रमुख रानी एलिजाबेथ की अनुपस्थिति में समारोह का उद्घाटन कर सकते हैं।
बीबीसी के मुताबिक राष्ट्रपति कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार खेलों का उद्घाटन कौन करेगा, अभी इस बारे में निर्णय नहीं लिया जा सका है। लेकिन प्रिंस ऑफ वेल्स कार्यालय ने कहा है कि प्रिंस चार्ल्स, रानी के प्रतिनिधि के रूप में आयोजन का उद्घाटन करेंगे।बहरहाल आयोजन समिति के सूत्रों ने बताया कि इस सम्बंध में आयोजन समिति और भारत एवं ब्रिटिश सरकार के बीच बातचीत जारी है।
आयोजन समिति के एक अधिकारी ने नाम जाहिर न करने की शर्त पर आईएएनस से कहा, "आयोजन समिति के अध्यक्ष सुरेश कलमाडी और कैबिनेट सचिव के.एम. चंद्रशेखर उद्घाटन कार्यक्रम के बारे में जल्द ही विचार-विमर्श करेंगे। ऐसा समाधान निकालने की कोशिश की जा रही जो सभी को मान्य हो।"परंपरा के अनुसार 19वें राष्ट्रमंडल खेलों का उद्घाटन महारानी एलीजाबेथ को करना चाहिए।
इस बीच सर्वोच्च न्यायालय ने आयोजन समिति के अध्यक्ष सुरेश कलमाडी को बर्खास्त करने के लिए दायर की गई एक याचिका खारिज कर दी। याची ने खेल की तैयारियों के लिए किए गए करोड़ों रुपये के सौदों में व्याप्त कथित अनियमितता की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग की थी।
यहीं पर मुख्यमंत्री दीक्षित ने राष्ट्रमंडल खेल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी माइक हूपर (सीईओ) द्वारा दिल्ली की जनसंख्या को लेकर दिए गए बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की।दीक्षित ने हूपर के बयान को 'कठोर एवं कूटनीतिक मूल्यों के प्रतिकूल' करार दिया है।शीला ने संवाददाताओं से कहा, "यह बहुत ही कठोर एवं 'कूटनीतिक मूल्यों के प्रतिकूल' है।"
शीला ने अपने आवास पर एक समारोह के दौरान कहा, "हम बहुत मेहनत कर रहे हैं और काम जल्दी ही पूरे हो जाएंगे। हमने बहुत की मुश्किल घड़ी में खेल गांव को अपने हाथ में लिया है।"उल्लेखनीय है कि 3 से 14 अक्टूबर यानी 11 दिन तक चलने वाले राष्ट्रमंडल खेलों में 71 देशों के लगभग 7,000 एथलीट एवं अधिकारी भाग लेने जा रहे हैं। भारत की मेजबानी में 1982 में हुए एशियाई खेलों के बाद यह सबसे बड़ा आयोजन है।
Story first published: Monday, November 13, 2017, 11:22 [IST]
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