राष्ट्रमंडल खेल : खेल गांव की व्यवस्था से खुश है कीवी दल
नई दिल्ली । राष्ट्रमंडल खेलों के लिए दिल्ली पहुंचे न्यूजीलैंड के खिलाड़ियों के पहले दल ने खेल गांव की व्यवस्था को लेकर खुशी जाहिर की है।न्यूजीलैंड की लॉन बॉल्स टीम के कोच डेव एडवर्ड्स ने मंगलवार को खेल गांव में कुछ पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि खेल गांव में पहली रात गुजारने के बाद उनके खिलाड़ियों ने किसी प्रकार की शिकायत नहीं की है।
डेव ने कहा, "पिछले कुछ दिनों से यहां काम जारी है लेकिन जहां तक हमारी बात है तो हम यहां की व्यवस्था से खुश हैं। हमारी इमारत में थोड़ी धूल है और कहीं-कहीं प्लास्टर ठीक से नहीं की गई है लेकिन इसके बावजूद हम यहां की व्यवस्था से खुश हैं।"डेव ने कहा कि सोमवार को इंदिरा गांधी हवाई अड्डे से खेल गांव तक का उनका सफर भी काफी अच्छा रहा। इस दौरान सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था देखी गई। ऐसे में वह आयोजन समिति के कार्य से खुश हैं।
कीवी कोच ने कहा कि उनके खिलाड़ी अब अभ्यास शुरू कर देंगे क्योंकि दुबई में दो दिन के प्रवास के कारण उनके खिलाड़ी पिछले तीन दिनों से अभ्यास नहीं कर सके हैं।डेव ने कहा, "हम मंगलवार शाम से अभ्यास शुरू कर देंगे। हमारे कई खिलाड़ी अभी यहां नहीं पहुंचे हैं लेकिन इसके बावजूद हमारी तैयारी जारी रहेगी। हम इन खेलों को गंभीरता से ले रहे हैं क्योंकि हमारा पिछला रिकार्ड अच्छा रहा है।"'न्यूजीलैंड ग्रीन्स' नाम से मशहूर कीवी टीम ने 2006 के मेलबर्न राष्ट्रमंडल खेलों में लॉन बॉल्स स्पर्धा का स्वर्ण जीता था।
इस लिहाज से उसके सामने खुद को साबित करने की चुनौती है।साथ ही साथ कीवी टीम को यह भी साबित करना होगा कि जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम की कृत्रिम खेल क्षेत्र पर भी वह दुनिया की सबसे तेजतर्रार टीम के तौर पर अपना हुनर दिखा सकती है।न्यूजीलैंड ने खेल गांव की व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े मसलों पर सबसे अधिक आपत्ति जताई थी।
इसे देखते हुए न्यूजीलैंड राष्ट्रमंडल खेल संघ ने अपने खिलाड़ियों को देरी से भारत भेजने का फैसला किया।कीवी संघ ने कहा था कि जब तक खेल गांव की व्यवस्था सुधर नहीं जाती, तब तक उनके खिलाड़ी सिंगापुर और दुबई में प्रवास करेंगे और व्यवस्था ठीक होते ही भारत रवाना हो जाएंगे।
डेव ने कहा, "पिछले कुछ दिनों से यहां काम जारी है लेकिन जहां तक हमारी बात है तो हम यहां की व्यवस्था से खुश हैं। हमारी इमारत में थोड़ी धूल है और कहीं-कहीं प्लास्टर ठीक से नहीं की गई है लेकिन इसके बावजूद हम यहां की व्यवस्था से खुश हैं।"डेव ने कहा कि सोमवार को इंदिरा गांधी हवाई अड्डे से खेल गांव तक का उनका सफर भी काफी अच्छा रहा। इस दौरान सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था देखी गई। ऐसे में वह आयोजन समिति के कार्य से खुश हैं।
कीवी कोच ने कहा कि उनके खिलाड़ी अब अभ्यास शुरू कर देंगे क्योंकि दुबई में दो दिन के प्रवास के कारण उनके खिलाड़ी पिछले तीन दिनों से अभ्यास नहीं कर सके हैं।डेव ने कहा, "हम मंगलवार शाम से अभ्यास शुरू कर देंगे। हमारे कई खिलाड़ी अभी यहां नहीं पहुंचे हैं लेकिन इसके बावजूद हमारी तैयारी जारी रहेगी। हम इन खेलों को गंभीरता से ले रहे हैं क्योंकि हमारा पिछला रिकार्ड अच्छा रहा है।"'न्यूजीलैंड ग्रीन्स' नाम से मशहूर कीवी टीम ने 2006 के मेलबर्न राष्ट्रमंडल खेलों में लॉन बॉल्स स्पर्धा का स्वर्ण जीता था।
इस लिहाज से उसके सामने खुद को साबित करने की चुनौती है।साथ ही साथ कीवी टीम को यह भी साबित करना होगा कि जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम की कृत्रिम खेल क्षेत्र पर भी वह दुनिया की सबसे तेजतर्रार टीम के तौर पर अपना हुनर दिखा सकती है।न्यूजीलैंड ने खेल गांव की व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े मसलों पर सबसे अधिक आपत्ति जताई थी।
इसे देखते हुए न्यूजीलैंड राष्ट्रमंडल खेल संघ ने अपने खिलाड़ियों को देरी से भारत भेजने का फैसला किया।कीवी संघ ने कहा था कि जब तक खेल गांव की व्यवस्था सुधर नहीं जाती, तब तक उनके खिलाड़ी सिंगापुर और दुबई में प्रवास करेंगे और व्यवस्था ठीक होते ही भारत रवाना हो जाएंगे।
Story first published: Monday, November 13, 2017, 11:22 [IST]
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