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लिम्बा का सबक याद न रख सकी पुरुष रिकर्व टीम

नई दिल्‍ली। महिला तीरंदाजों ने जहां शुक्रवार को इतिहास रचते हुए रिकर्व स्पर्धा का स्वर्ण पदक हासिल किया वहीं पुरुष टीम अंतिम क्षण में की गई गलतियों की वजह से फाइनल में नहीं पहुंच सकी।

यमुना स्पोर्ट्स काम्पलेक्स में भारतीय टीम को आस्ट्रेलिया के हाथों 211-216 के अंतर से हार झेलनी पड़ी। भारतीय रिकर्व टीम में जयंत तालुकदार, तरुणदीप रॉय और राहुल बनर्जी शामिल थे। इन खिलाड़ियों ने शुरुआती दो दौर में अच्छा निशाना लगाया लेकिन बाद के दो दौर में वे अपने कोच और धुरंधर तीरंदाज लिम्बा राम का सबक भूल गए।

कोच ने गुरुवार को कहा था कि वह महिला टीम से अधिक पुरुष टीम से स्वर्ण पदक की उम्मीद कर रहे हैं लेकिन महिलाओं ने दो कदम आगे निकलते हुए अपना निशाना सही साधा जबकि पुरुष अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतरे।

हालात भी भारतीय निशानेबाजों के पक्ष में थे लेकिन वे उसका फोयदा नहीं उठा सके। ऐसे में जबकि हवा बिल्कुल नहीं चल रही थी, भारतीय खिलाड़ी चिरपरिचित माहौल और घरेलू दर्शकों की हौसलाअफजाई के बीच सटीक निशाना साध सकते थे लेकिन आस्ट्रेलियाई तीरंदाज हालात को पढ़ने के मामले में उनसे बेहतर निकले। दूसरी ओर महिला टीम ने शुक्रवार को इंग्लैंड को एक अंक के अंतर से हराकर स्वर्ण जीता। भारत ने 207 अंक जुटाए जबकि इंग्लैंड की टीम 206 अंक जुटा सकी।

राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में भारतीय तीरंदाजों ने पहली बार स्वर्ण जीता है। वैसे भारतीय तीरंदाज अब तक 19वें राष्ट्रमंडल खेलों में एक स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य पदक जीत चुके हैं। महिला टीम में पूर्व विश्व चैम्पियन डोला, बनर्जी, दीपिका कुमारी और बोम्बाल्या देवी शामिल हैं। इन तीनों खिलाड़ियों ने भारत को राष्ट्रमंडल खेलों का 15वां स्वर्ण पदक दिलाया।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Story first published: Monday, November 13, 2017, 11:22 [IST]
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