नई दिल्ली। खेलगांव में ठहरे विदेशी खिलाड़ी भारतीय पकवानों का खूब लुत्फ उठा रहे हैं। खिलाड़ी यहां के पराठे, पाश्ता और पंजाबी खानों के मुरीद हो गए हैं।
खेलगांव के कार्यकारी रसोइए जतिंदर उप्पल ने बताया, "विदेशी खिलाड़ी पराठों को खूब पसंद कर रहे हैं। यह सभी के स्वाद को भा रहा है। यहां प्रतिदिन करीब 600 पराठों की खपत है। इसके अलावा करीब 300 किलोग्राम पालक, 150 किलोग्राम आलू और 100 किलोग्राम चावल उपयोग में लाया जा रहा है।"
उन्होंने बताया कि नवरात्र की शुरुआत होने से कुछ खिलाड़ी और शिष्टमंडल शकाहारी हो गए हैं। मसूर के दाल की मांग बढ़ गई है। इसे रोजाना 100 किलोग्राम पकाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पंजाबी पकवानों को कम तेल और मसालों में बनाया जा रहा है, जिसे खिलाड़ी पसंद कर रहे हैं।
खेलगांव में चौबीसों घंटे खुला रहने वाला भोजनालय अमेरिकन, एशियन, अफ्रीकन, ओसेनियन, इंडियन और कांटिनेंटल व्यंजनों को तैयार करता है। खानों की सूची में 120 सामग्रियों को रखा गया है। इसमें प्रत्येक छह दिनों पर बदलाव किया जाता है। राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान 7,000 खिलाड़ियों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए 2,500 लोग कार्यरत हैं। इनमें 250 रसोइए शामिल हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।