यह पहली बार नहीं है जब भारतीय टीम को इतनी बुरी तरह से टेस्ट मैच में हार का मुंह देखना पड़ा है। बल्कि यह 13वां मौका था जब भारतीय टीम ने सिर्फ तीन दिनों के अंदर ही विरोधी टीम के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। इसमें से छह बार तो सिर्फ इंग्लैंड ने ही उसे हराया है।
इंग्लैंड ने पांच मौकों पर अपने घर में यह कारनामा किया है जबकि एक बार उसने भारत को उसी के घर में तीन दिनों में घुटने टेकने पर मजबूर किया था।
वर्ष 2012 में भारत को पर्थ में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन दिनों में हार मिली थी। उसके बाद अब ओल्ड ट्रेफर्ड में यह नजारा देखने को मिला। इंग्लैंड के खिलाफ इंग्लैंड में भारतीय टीम 1967 के बाद पहली बार तीन दिनों में हारी है।
इंग्लिश टीम पहली पारी के आधार पर 200 रनों से अधिक की बढ़त हासिल करने के बाद अब तक एक बार भी नहीं हारी है। इंग्लैंड के सामने ऐसे 166 मौके आए हैं और उसने हर मौके का भरपूर फायदा उठाया है।
इस टीम को 129 मौकों पर जीत मिली है जबकि 37 मौकों पर उसने मुकाबला ड्रॉ किया है।