2nd Test: सौरव गांगुली से अलग है इन खिलाड़ियों की राय, कहा- डे-नाइट होने से नहीं बढ़ेंगे दर्शक

Sourav Ganguly

नई दिल्ली। कोलकाता के ईडन गार्डन्स स्टेडियम में भारत और बांग्लादेश दोनों टीमें ऐतिहासिक डे-नाइट टेस्ट मैच खेलने की तैयारी में जुटी हुई हैं। शुक्रवार 22 नवंबर से शुरु होने वाले इस पिंक बॉल टेस्ट मैच को लेकर बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं। सौरव गांगुली ने हाल ही में जानकारी दी की पहले डे-नाइट टेस्ट मैच के लिये पहले 4 दिनों की सारी टिकटें बिक चुकी हैं तो उम्मीद है कि दर्शक भारी संख्या में जुटेंगे।

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टेस्ट क्रिकेट में दर्शकों की संख्या बढ़ाने के इस प्रयास से जहां बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली को काफी उम्मीदें हैं तो वहीं कुछ ऐसे दिग्गज खिलाड़ी भी हैं जिनका मानना इससे अलग है।

जहां एक ओर सौरव गांगुली का मानना है कि डे-नाइट प्रारूप शुरू करने से दर्शकों की संख्या में बढ़ोतरी होगी वहीं कुछ दिग्गज खिलाड़ियों का मानना है कि इससे कुछ खास फर्क नहीं पड़ने वाला है।

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हरभजन सिंह (HarBhajan Singh)

हरभजन सिंह (HarBhajan Singh)

भारतीय टीम के दिग्गज स्पिनर हरभजन सिंह का मानना है कि सिर्फ डे-नाइट प्रारूप में टेस्ट शुरु कर देने से स्टेडियम में दर्शकों की संख्या नहीं बढ़ने वाली है। डे-नाइट प्रारूप दर्शकों के बढ़ाने की गारंटी नहीं है।

हरभजन सिंह ने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि पिंक बॉल टेस्ट के चलते भारतीय मैदान दर्शकों से भरने वाले हैं। आपको कुछ और करना होगा। मेरे हिसाब से टेस्ट क्रिकेट को छोटे शहरों में बने स्टेडियम पर ले जाना होगा जहां फैन्स अपने चहेते

खिलाड़ियों को खेलते हुए देखने आते हैं।'

उन्होंने कहा, ‘ उदाहरण के लिए अगर टेस्ट मैच को मोहाली के बजाय अमृतसर में खिलाया जाये तो प्रारूप कोई भी हो दर्शक जरूर आयेंगे, जैसा हमें इंदौर के होल्कर स्टेडियम में बांग्लादेश के खिलाफ पहले टेस्ट के दौरान देखने को मिला था।'

राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid)

राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid)

नेशनल क्रिकेट अकादमी के मुखिया और पूर्व भारतीय कप्तान राहुल द्रविड़ का मानना है कि डे-नाइट टेस्ट मैचों का आयोजन ठीक है लेकिन अगर उसे सफल बनाना है तो बुनियादी सुविधाओं पर भी ध्यान देने की जरूरत है।

द्रविड़ का मानना है कि अगर दर्शकों को घर से बाहर स्टेडियम तक लाना है तो कार पार्किंग, बैठने की जगह और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं पर ध्यान देना होगा। इतना ही नहीं फैंस के बीच इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसे पारंपरिक टेस्ट उत्सव का आयोजन करना होगा। उदाहरण के लिये हम कोलकाता में न्यू ईयर टेस्ट और चेन्नई में पोंगल टेस्ट शुरू कर सकते हैं जिससे लोग परिवार समेत मैच देखने बाहर आ सकेंगे।

डेनियल विटोरी (Daniel Vettori)

डेनियल विटोरी (Daniel Vettori)

वहीं न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान और वर्तमान में बांग्लादेश के स्पिन गेंदबाजी कोच डैनियल विटोरी को लगता है कि भारत में डे-नाइट टेस्ट मैच का भविष्य काफी उज्जवल है।

विटोरी ने कहा कि मैनें आज तक सिर्फ टीवी पर ही पिंक बॉल टेस्ट मैच देखा है। हालांकि मुझे यह देखना काफी पसंद है। असली मजा तो यह देखने में आएगा कि लोग किस तरह से अपना टाइम मैनेजमेंट करते हैं।

विटोरी ने कहा,' डे-नाइट प्रारूप अब टेस्ट क्रिकेट का बड़ा हिस्सा बन गया है। मुझे लगता है जब आप टेस्ट मैच को रात तक बढ़ा देते हैं तो आप कई लोगों को करीब ला सकते हैं। हकीकत यह है कि यहां काफी सारे लोग होंगे तो आपको मानना होगा कि यह कितना अहम है।'

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Story first published: Thursday, November 21, 2019, 13:08 [IST]
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