वो 3 भारतीय, जिनका 2011 विश्व कप के बाद खत्म हो गया क्रिकेट करियर

Indian Cricket Team

नई दिल्ली। साल 2011 विश्व कप में भारत ने श्रीलंका को हराकर दूसरी बार खिताब पर कब्जा किया था। पहली बार साल 1983 में कपिल देव की कप्तानी में टीम चैंपियन बनी थी। 2011 में टीम को चैंपियन बनाने में जितना योगदान कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का रहा, उतनी ही अन्य खिलाड़ियों का रहा। जिन्होंने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया वो कुछ साल आगे भी खेले, लेकिन कुछ ऐसे भी रहे जिनका करियर विश्व कप के बाद खत्म हो गया। आज हम आपको उन तीन भारतीयों के बारे में बताएंगे जिनका 2011 विश्व कप के बाद क्रिकेट करियर खत्म हो गया था-

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1. मुनाफ पटेल

1. मुनाफ पटेल

इस तेज गेंदबाज को भी विश्व कप के लिए टीम में चुना हया था। मुनाफ को 8 मैच खेलने का माैका भी मिला। उन्होंने 5.36 की इकॉनमी रेट और 32.09 के औसत से गेंदबाजी की थी, जिसकी बदौलत उन्होंने 8 मैचों में 11 विकेट अपने नाम किए थे। इस टूर्नामेंट में उन्होंने एक पारी में 48 रन देकर 4 विकेट भी झटके थे। इसके बावजूद मुनाफ पटेल ज्यादा दिनों तक वनडे टीम में नहीं रह सके। 2006 में इंग्लैंड के खिलाफ वनडे में डेब्यू करने वाले पटेल ने अपना आखिरी वनडे मैच भी 3 सितंबर 2011 में इंग्लैंड के खिलाफ खेला था। उन्होंने अपने करियर में कुल 70 वनडे मैच खेले और उनमें 4.95 की इकॉनमी रेट से कुल 86 विकेट अपने नाम किए।

2. यूसुफ पठान

2. यूसुफ पठान

आईसीसी क्रिकेट विश्वकप 2011 की भारतीय टीम में शामिल रहे यूसुफ पठान के बारे में भला कौन नहीं जानता, अगर उनका बल्ला और गेंद दोनों ही चले, तो वह अकेले दम पर मैच जिता सकते हैं। हालांकि विश्वकप 2011 के बाद यूसुफ पठान भी अचानक से भारतीय टीम से बाहर हो गए। यूसुफ पठान को उस टूर्नामेंट में 6 ही मैच खेलने का मौका मिला। जिसमें उन्होंने कुल 74 रन बनाने के साथ-साथ एक विकेट भी लिया था। इसके बाद यूसुफ पठान ज्यादा दिनों तक भारतीय टीम के साथ नहीं रह सके और उन्होंने अपना आखिरी वनडे मैच 18 मार्च 2012 में पाकिस्तान के खिलाफ खेला था। पठान ने अपने वनडे करियर में कुल 57 वनडे मैच खेले और उनमें उन्होंने 113.6 के स्ट्राइक रेट से 810 रन बनाए और साथ ही इतने ही मैचों में 5.49 की इकॉनमी रेट से कुल 33 विकेट भी अपने नाम किए।

3, एस श्रीसंत

3, एस श्रीसंत

इस लिस्ट में दूसरा नाम है श्रीसंत का, जिन्हें साल 2011 में हुए विश्वकप के दौरान भारतीय टीम में तो शामिल किया गया था लेकिन उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला। हालांकि इसके आधार पर श्रीसंत की प्रतिभा पर शक नहीं किया जा सकता। श्रीसंत विश्वकप 2011 के दौरान 2 मैचों में भारत की प्लेइंग इलेवन में शामिल रहे थे, जिसमें उन्होंने 8.07 की इकॉनमी रेट से गेंदबाजी करते हुए 105 रन दिए थे। हालांकि विकेट हासिल करने में वह असफल रहे थे। 2011 विश्वकप के खत्म होने के साथ ही श्रीसंत के करियर पर भी ब्रेक लग गया। उन्होंने अपना आखिरी वनडे मैच 2 अप्रैल 2011 में श्रीलंका के खिलाफ खेला था। साल 2005 में अपने वनडे करियर की शुरुआत करने वाले श्रीसंत ने अपने करियर में कुल 53 वनडे मैच खेले और उनमें 6.07 की इकॉनमी रेट से कुल 75 विकेट हासिल किए। इस दौरान उन्होंने एक पारी में 55 रन देकर 6 विकेट भी अपने नाम किए और यह उनका सबसे उम्दा गेंदबाजी प्रदर्शन था।

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Story first published: Saturday, May 23, 2020, 17:28 [IST]
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