
मनोज तिवारी का गैरजिम्मेदाराना शॉट
आखिरी ओवर में पुणे की टीम को 11 रनों की दरकार थी और पहली ही गेंद पर मनोज तिवारी ने मिचेल जॉनसन की गेंद पर शानदार चौका लगाकर टीम की जीत की राह आसान कर दी थी। इसके बाद टीम को 5 गेंदों पर सिर्फ 7 रनों की दरकार थी और दूसरे छोर पर टीम के कप्तान स्टीव स्मिथ मौजूद थे। ऐसे में आसानी से दोनों खिलाड़ी एक या दो रन लेकर आराम से मैच को जिता सकते थे। लेकिन जिस तरह से दूसरी गेंद पर एक बार फिर से बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की और वह पोलॉर्ड को अपना कैच थमा बैठे।

स्टीव स्मिथ की जल्दबाजी
आखिरी ओवर की तीसरी गेंद का सामना करने आए स्टीव स्मिथ ने एक बार फिर से लंबा शॉट खेलने की कोशिश की और वह भी रायडू को अपना कैच देकर पवेलियन लौट गए। स्मिथ जिस वक्त आखिरी ओवर के दौरान तीसरी गेंद का सामना कर रहे थे, उस वक्त भी मैच पुणे के हाथ में था। ऐसे में अगर स्मिथ ने अपना धैर्य ना खोया होता और स्ट्राइक को अपने पास रकते हुए दो रन की लिए शॉट खेलते तो भी टीम को 2 गेंद पर 5 रनों की दरकार होती। लेकिन स्मिथ के आउट होते ही टीम की उम्मीदों पर पानी फिर गया। उनके बाद क्रीज पर वाशिंगटन सुंदर मुश्किल से बाई का एक रन ले सके और आखिरी गेंद पर टीम को चार रन की दरकार थी, लेकिन क्रिश्चियन चौका लगाने में विफल रहे।

मिचेल जॉनसन का शानदार अनुभव
बुमरा और मलिंगा के बाद आखिरी ओवर में गेंदबाजी की कमान मिचेल जॉनसन के पास थी और उनके सामने चुनौती थी उनकी ही टीम के खिलाड़ी स्टीव स्मिथ की। दो ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के इस मुकाबले में जॉनसन की जीत हुई। आखिरी ओवर में जॉनसन ने अपने बेहतरीन अनुभव का इस्तेमाल किया और काफी सधी ही गेंदबाजी की, उन्होंने फील्ड प्लेसमेंट के हिसाब से ही गेंदबाजी की और एक के बाद एक बल्लेबाज उनके सामने घुटने टेकते नजर आए।

धोनी का बड़े मैच में फिर से फेल होना
आईपीएल के इस सीजन में कुछ मैचों को छोड़ दें ते धोनी बल्ले से कुछ खास नहीं कर सके और वह आलोचकों के निशाने पर रहे। आखिरी मैच में उनसे उम्मीद थी कि वह फाइनल मुकाबले में टीम की जीत में अहम भूमिका निभाएंगे। लेकिन इस धोनी एक बार फिर से 13 गेंदों का सामना करके सिर्फ 10 रन ही बना सके। जिस वक्त धोनी बल्लेबाजी करने आए उस वक्त टीम अच्छी हालत में थी, ऐसे में अगर धोनी क्रीज पर जमे रहते या 20-30 तेज रन भी बना पाते तो मैच का रुख पलट सकता था। लेकिन धोनी के प्रशंसकों को फाइनल मुकाबले में निराशा हाथ लगी।

मलिंगा का सनसनीखेज 18वां ओवर
आखिरी के तीन ओवर में मुंबई इंडियंस के लिए मैच काफी मुश्किल लग रहा था, जिस तरह से पुणे के कप्तान स्टीव स्मिथ शानदार बल्लेबाजी कर रहे थे, उससे लग रहा था कि यह मैच एकतरफा हो रहा और पुणे की टीम आसानी से इस मैच को जीत सकती है। आखिरी के तीन ओवर में पुणे की टीम को 30 रनों की दरकार थी और क्रीज पर मनोज तिवारी व स्मिथ मौजूद थे। लेकिन मलिंगा ने इस ओवर में सिर्फ 7 रन खर्च किए। उनके आखिरी ओवर में सिर्फ एक चौका लगा और और तीन सिंगल गए, जबकि दो गेंदें उन्होंने डॉट डाली। मलिंगा के ओवर के बाद पुणे की टीम को आखिरी के दो ओवर में 23 रन बनाने थे, जिसने पुणे की टीम को काफी दबाव में ला दिया।


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