नई दिल्ली। भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच 6 वनडे मैचों की सीरीज का आखिरी मैच शुक्रवार को सेंचुरियन में खेला जाएगा। भारत सीरीज 4-1 से पहले ही अपने नाम कर चुका है। ऐसे में दबाव दक्षिण अफ्रीकी टीम पर होगा। वहीं भारतीय टीम भी दक्षिण अफ्रीका को हल्के में नहीं लेना चाहेंगी।
कप्तान कोहली पहले ही साफ कर चुके हैं कि वे किसी भी हालत में ये सीरीज 5-1 से अपने नाम करना चाहते हैं। इन सबके अलावा इस आखिरी मैच में पूर्व भारतीय कप्तान एमएस धोनी और युवा सनसनी गेंदबाज कुलदीप यादव के पास इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करना का मौका है।
बता दें कि दक्षिण अफ्रीका में दक्षिण अफ्रीका को आज तक केवल ऑस्ट्रेलिया ही 5-1 से हरा पाया है। ऑस्ट्रेलिया ने दक्षिण अफ्रीका को 2001-02 में हराया था। अब भारत के पास इतिहास रचने का मौका है।
कुलदीप के पास है मौका
कुलदीप यादव वनडे इतिहास में एक द्विपक्षीय सीरीज में सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज बनने से तीन विकेट दूर हैं। कुलदीप ने अब तक दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज में 16 विकेट झटके हैं। बता दें कि इससे पहले पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज जवागल श्रीनाथ और लेग स्पिनर अमित मिश्रा 18 विकेट के साथ शीर्ष पर हैं जबकि पूर्व वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज पैट्रिक पैटरसन और अफ्रीका के तेज गेंदबाज क्रेग मैथ्यूज 17 विकेट के साथ दूसरे स्थान पर हैं। अब अगर कुलदीप 3 और विकेट झटकते हैं तो वो इतिहास के पहले गेंदबाज बन जाएंगे जो एक द्विपक्षीय सीरीज में सबसे ज्यादा विकेट झटकेंगे।
धोनी के पास है इतिहास रचने का मौका
एकदिवसीय मैचों में 10000 रनों तक पहुंचने के लिए एमएस धोनी को 33 रन चाहिए। वर्तमान में उन्होंने 9967 रन बनाए हैं। सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली और राहुल द्रविड़ भारत की तरफ से 10 हजार रन बनाने वालों के क्लब में शामिल होने वाले बल्लेबाज हैं।
अगर धोनी 10 हजार रनों के आंकड़ों को छू लेते हैं तो वे श्रीलंका के दिग्गज विकेट कीपर बल्लेबाज कुमार संगकारा (14234 रन) के बाद दुनिया के दूसरे विकेट कीपर बल्लेबाज बन जाएंगे जिसके नाम 10 हजार रन होंगे। धोनी अगर तीन और बल्लेबाजों को डिसमिस करते हैं तो वह भारत की तरफ से 400 बल्लेबाजों को डिसमिस करने वाले विकेट कीपर बन जाएंगे। मौजूदा समय में धोनी के नाम 293 कैच, 104 स्टंपिंग्स हैं। धोनी ने तीन कैच और स्टंपिंग्स एशिया इलेवन की तरफ से खेलते हुए किए हैं।