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विस्फोटक ऑलराउंडर रहे मैथ्यू हेडन का ऐसा रिकाॅर्ड जो कोई कंगारू बल्लेबाज नहीं तोड़ पाया

नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के पूर्व विस्फोटक ऑलराउंडर रहे मैथ्यू हेडन के लिए आज का दिन यानी कि 29 अक्तूबर बेहद खास है, क्योंकि इस दिन उनका जन्म हुआ था। साल 1971 को जन्मे हेडन अब 49वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस खास माैके पर उनके द्वारा खेली गई वो पारी भी याद आ गई जिससे ऐसा रिकाॅर्ड कायम हुआ कि अबतक कोई आस्ट्रेलियाई क्रिकेटर नहीं तोड़ पाया है। ऑस्ट्रेलिया का यह खब्बू बल्लेबाज एक समय दुनिया भर के तेज गेंदबाजों के लिए खौफ बन गया था हेडन को कभी भी कोई गेंदबाज डरा नहीं सका। इसका सबूत चौदह साल के क्रिकेट करियर के दौरान हेडन द्वारा हासिल की गई उपलब्धियां देती हैं।

खेली थी रिकाॅर्ड पारी

खेली थी रिकाॅर्ड पारी

हेडन की सबसे ज्यादा खास पारी 2003 में पर्थ टेस्ट में हेडन ने जिम्बॉब्वे के खिलाफ 380 रनों की है। वे कितने खतरनाक खेलते थे, इसका अंदाजा यहां से लगाया जाता है कि उनकी इस पारी में जहां 38 चाैके शामिल रहे थे तो वहीं दनदनाते 11 छक्के भी थे। हेडन ने यह पारी 437 गेंदों में ही खेली थी, जिसकी बदाैलत आस्ट्रेलिया ने यह मैच एक पारी और 175 रनों से जीत लिया था। यह उस समय टेस्ट क्रिकेट की एक पारी में सबसे बड़ी पारी थी। हालांकि यह रिकॉर्ड ज्यादा दिन तक हेडन के नाम नहीं रह सका। विंडीज के पूर्व बल्लेबाज ब्रायन लारा ने 400 रनों की पारी खेल हेडन की टेस्ट में सर्वाधिक पारी का रिकाॅर्ड तोड़ा था।

उन्होंने टेस्ट और वनडे क्रिकेट में माइकल स्लेटर, मार्क टेलर, जस्टिन लेंगर, एडम गिलक्रिस्ट, मार्क वॉ, फिल जैक्स के साथ ऑस्ट्रेलियाई पारी की शुरुआत की। इनमें लंबे समय तक उनके जोड़ीदार लेंगर रहे। हेडन-लेंगर की जोड़ी ने कई टेस्ट मैचों में ऑस्ट्रेलिया को बेहतरीन शुरुआत देकर अपनी टीम की जीत की नींव रखीं।

लंबे समय के बाद मिला था टीम में माैका

लंबे समय के बाद मिला था टीम में माैका

हेडन ने अपने करियर का पहले टेस्ट भले ही मार्च 1994 में खेला हो, लेकिन ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम में नियमित खिलाड़ी बनने में काफी समय लगा। 21 मार्च 1997 को सेंचुरियन में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट के बाद उन्हें तीन साल तक टीम से बाहर रहना पड़ा। इसके बाद उन्होंने कड़ी मेहनत की और तीन साल दस दिनों के बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ 31 मार्च 2000 को हेमिल्टन टेस्ट से टीम में वापसी की। इसके बाद वे अपने प्रदर्शन के आधार पर कभी टीम से बाहर नहीं रहे। कुछ मौकों पर वे चोटिल होकर बैंच पर बैठे, लेकिन जल्द ही वापस भी आए। हेडन की मौजूदगी से सालों-साल ऑस्ट्रेलियाई टीम मैनेजेमेंट को सलामी बल्लेबाजी को लेकर अलग से कोई योजना नहीं बनानी पड़ी।

ऐसा रहा क्रिकेट करियर

ऐसा रहा क्रिकेट करियर

हेडन ने 103 टेस्ट मैचों में 30 शतक और 29 अर्धशतक के साथ 50.73 की औसत से 8625 रन बनाए। वहीं 161 वनडे मे हेडन ने 78.96 के स्ट्राइक रेट और 43.80 के औसत से, दस शतक और 36 अर्द्धशतकों की मदद से कुल 6133 रन बनाए। आज भी हेडन को कई विशेषज्ञ ऑस्ट्रेलिया का सफलतम सलामी बल्लेबाज मानते हैं। अपने अंतरराष्ट्रीय करियर के अंतिम दिनों में हेडन भले ही बेहतरीन फॉर्म में न रहे हो, लेकिन उसके बाद ही हेडन ने आईपीएल में अपना सिक्का जमाया और 2009 के आईपीएल में तो उन्होंने ऑरेंज कैप हासिल कर ली।

Story first published: Tuesday, October 29, 2019, 15:54 [IST]
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