Ranji में नहीं मिला खेलने का मौका तो तीनों बच्चों को बनाया क्रिकेटर, आज मचा रहे धमाल
नई दिल्ली। भारत में क्रिकेट वो सपना है जिसे हर दूसरा आदमी अपने देश के लिये खेलने की उम्मीद से जीता है। वो इसके लिये मेहनत भी करता है, कुछ के सपने गली-कूचों के मैदान पर टूट जाते हैं तो कुछ उन मैदान से निकलकर स्टेडियम में लोगों के बीच अपने इस सपने को पूरा करने में बिताते हैं। कुछ ऐसा ही सपना था मुंबई के कुर्ला में रहने वाले नौशान खान का जिन्होंने अपना सारा जीवन इस खेल को समर्पित कर दिया। भारत के हर युवा की तरह नौशान खान का भी सपना था कि वो देश के लिये अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खेलें लेकिन उनका यह साकार नहीं हो सका।
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नौशाद को मुंबई की रणजी ट्रॉफी टीम के संभावितों में कई बार चुना गया लेकिन कभी भी अंतिम-11 में शामिल कर मैदान पर उतरने का मौका नहीं मिला। इसके बाद नौशाद ने ठान लिया कि जो सपना वह खुद पूरा नहीं कर पाये वह अपने तीनों बच्चों के जरिये उसे हासिल करेंगे और अपने बच्चों को ऐसे तैयार करेंगे कि वो एक दिन देश के लिये जरूर खेलें।
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क्रिकेट में धमाल मचा रहे हैं नौशाद के तीनों खान
नौशाद की बरसों की कड़ी मेहनत और लगन का ही नतीजा है कि आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की ओर से खेल चुके सरफराज खान इन दिनों रणजी ट्रॉफी में छाये हुए हैं। सरफराज खान ने हाल ही में मुंबई की ओर से पहले तिहरा शतक और फिर एक हफ्ते के अंदर दोहरा शतक लगाया।
उनके दूसरे नंबर के बेटे 21 वर्षीय मोइन हैं जो क्लब लेवल पर क्रिकेट खेलते हैं, जबकि तीसरे और सबसे छोटे बेटे 15 वर्षीय मुशीर फिलहाल मुंबई की अंडर-19 टीम के लिए कूच बिहार ट्रॉफी में खेल रहे हैं।

विराट कोहली के फैवरिट रह चुके हैं सरफराज खान
आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की ओर से खेल चुके सरफराज खान खुद किसी पहचान के मोहताज नहीं है। वह स्कूल के दिनों में ही इंटर स्कूल लेवल पर 400 से ज्यादा रनों की पारी खेलकर लाइम लाइट में आ गये थे। इसके बाद उन्होंने किंग्स इलेवन पंजाब के लिये आईपीएल भी खेला। वह मुंबई के अलावा यूपी से भी रणजी खेल चुके हैं।
हाल ही में सरफराज ने 2 साल के कूलिंग ऑफ पीरियड के बाद मुंबई की टीम में वापसी की है और आते ही 19 जनवरी को अपनी पूर्व टीम यूपी के खिलाफ मैच के चौथे और अंतिम दिन ट्रिपल सेंचुरी (नॉटआउट 301 रन) बनाई। अगले ही मैच में उन्होंने हिमाचल के खिलाफ पहले दिन नॉटआउट 226 रन बना डाले।

मुंंबई की अंडर-19 टीम को मुशीर ने बनाया चैंपियन
नौशाद खान के सबसे छोटे बेटे मुशीर खान जो कि महज 15 बरस के हैं कि लिये मुंबई की अंडर-16 टीम से अंडर-19 टीम तक का सफर काफी कम समय में पूरा हुआ। मुशीर ने इस सीजन मुंबई की अंडर-16 टीम को विजय मर्चेंट ट्रॉफी का चैंपियन बनाने में अहम रोल निभाया।
हरफनमौला खिलाड़ी ने अपनी लेग स्पिन गेंदबाजी से केवल 4 मैचों में 30 विकेट चटकाए और 1 अर्धशतक सहित 125 रन बनाए।
इसके बाद उन्हें मुंबई की अंडर-19 टीम के साथ कूच बिहार ट्रॉफी के क्वॉर्टर फाइनल मैच में बंगाल के खिलाफ खेलने का मौका मिला। इस मैच में मुशीर ने 1 विकेट लेने के अलावा 27 रन बनाए।

क्लब क्रिकेट खेलते हैं मोइन नौशाद खान
मोइन क्लब क्रिकेट में सक्रिय हैं। संडे को जब मुशीर मुंबई अंडर-19 के लिए अपना पहला मैच खेल रहे थे उसी वक्त मोइन यंग कॉमरेड शील्ड टूर्नमेंट में यंग मोहम्मडन क्रिकेट क्लब के लिए मुंबई पुलिस जिमखाना के खिलाफ मैच खेल रहे थे। मोइन ने इस मैच में नॉटआउट 106 रन की पारी खेली। उनकी टीम हालांकि मैच 9 रन से हार गई।

अपने स्ट्रगल पर जानें क्या बोले नौशाद खान
मुंबई में पले-बढ़े नौशाद मूल-रूप से उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ के रहने वाले हैं। क्रिकेट में करियर बनाने के लिये उन्होंने काफी मेहनत की लेकिन बड़े स्तर पर खेल पाने का मौका नहीं मिला। स्पोर्ट्स कोट से रेलवे में नौकरी मिल गई लेकिन वह अपने दिल से क्रिकेट को नहीं निकाल सके।
उन्होंने अपने बच्चों को क्रिकेट का ककहरा सिखाना शुरू किया।
नौशाद ने कहा कि मैं अपने बच्चों के साथ पिता के रूप में कम, कोच के तौर पर ज्यादा पेश आता हूं और वो भी सख्ती से। सख्ती दिखाना जरूरी है क्योंकि जरा-सी ढिलाई उनके करियर के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है। तीनों बच्चों की ट्रेनिंग में कोई बाधा पैदा न हो इसलिए मैंने 2 वर्ष पहले रेलवे से वीआरएस ले लिया। यही नहीं घर के बगल में ही एक सीमेंटेड पिच भी बनवा दी ताकि प्रैक्टिस नियमित चलती रहे।
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