नई दिल्ली। पाकिस्तान क्रिकेट टीम के शाहिद अफरीदी इन दिनों सुर्खियों में बने हुए हैं। वजह है उनकी आत्मकथा 'गेम चेंजर' में क्रिकेट के कई पहलुओं का उजागर होना। अफरीदी ने लिखी अपनी किताब में कई क्रिकेटरों के बारे में जिक्र किया जिसमें गाैतम गंभीर एक रहे। उन्होंने गंभीर पर जो टिप्पणी की वो एक कलह बन गई। वहीं अब अफरीदी ने पाकिस्तान के शानदार बल्लेबाज जावेद मियांदाद पर आरोप लगाए हैं कि भारत के खिलाफ 1999 में चेन्नई टेस्ट से एक दिन पहले उन्होंने नेट पर उन्हें अभ्यास का समय भी नहीं दिया था।
अफरीदी ने मियांदाद को ओछा इंसान भी बताया था। उन्होंने लिखा कि मियांदाद को वह और उनकी बल्लेबाजी शैली पसंद नहीं थी। अफरीदी की इन बातों का जवाब मियांदाद ने भी अपने अंदाज में दिया। जावेद ने कहा, 'मैं सब कुछ अल्लाह पर छोड़ता हूं। यह कैसे मुमकिन है कि किसी खिलाड़ी को टेस्ट से पहले नेट अभ्यास का मौका भी नहीं दिया गया हो।' उन्होंने कहा कि अफरीदी से उनके मसले रहे हें लेकिन वे नितांत पेशेवर थे। मैं उसे हमेशा कहता था कि उसमें इतनी क्षमता है कि वह बेहतर खिलाड़ी बन सकता था। मैने नेट पर कई बार उसके साथ घंटो बिताए ताकि उसकी बल्लेबाजी तकनीक और रवैया बेहतर हो सके।
वकार को बताया बदतर कोच
अफरीदी यहीं नहीं रूके, उन्होंने तेज गेंदबाज और कोच रहे वकार यूनुस पर भी निशाना साधा है। अफरीदी ने अपनी आत्मकथा में लिखा है कि दुर्भाग्य से वकार अतीत को नहीं भुला पाया। वकार और मेरा इतिहास रहा है, इसकी शुरुआत कप्तानी को लेकर वसीम के साथ उसके मतभेद को लेकर हुई। वह औसत दर्जे का कप्तान था लेकिन बदतर कोच। वह हमेशा कप्तान यानी मुझे बताने का प्रयास करता था कि क्या करना है। यह स्वाभाविक भिड़ंत थी और ऐसा होना ही था।