चायकाल तक तीन विकेट के नुकसान पर 69 रन बनाने वाली मेहमान टीम ने तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक तीन विकेट के नुकसान पर 172 रन बना लिए। स्ट्रॉस और कोलिंगवुड चौथे विकेट के लिए अजेय 129 रन जोड़े हैं।
पहली पारी में 123 रन बनाकर अपनी टीम को मजबूती देने वाले स्ट्रॉस ने 150 गेंदों का सामना करते हुए पांच चौके लगाए हैं जबकि एकदिवसीय श्रंखला में बुरी तरह नाकाम रहे कोलिंगवुड ने अपने अनुभव के बूते 133 गेंदों का सामना करते हुए छह चौके जड़े हैं।
इंग्लैंड ने पहली पारी में 316 रन बनाए थे जबकि भारतीय टीम 241 रन पर सिमट गई थी। पहली पारी के आधार पर इंग्लैंड को 75 रनों की बढ़त मिली थी। इस तरह उसे 247 रनों की कुल बढ़त हासिल हो गई है।
इंग्लैंड का पहला विकेट पहली पारी में 52 रन बनाने वाले सलामी बल्लेबाज एलिस्टर कुक के रूप में गिरा। कुक नौ रन के व्यक्तिगत स्कोर पर तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा द्वारा विकेट के पीछे महेंद्र सिंह धोनी द्वारा कैच करा दिए गए। इंग्लैंड को यह झटका 28 रन पर लगा।
इंग्लैंड को दूसरा झटका 42 रन के कुल योग पर लगा जब स्पिन गेंदबाज अमित मिश्रा ने इयान बेल (7) को गौतम गंभीर के हाथों कैच करा दिया।
इसके बाद युवराज सिंह ने मेहमान कप्तान केविन पीटरसन (1) को सस्ते में बिदा कर भारत को बड़ी सफलता दिलाई। पीटरसन पहली पारी में भी नाकाम रहे थे। वे केवल 11 रन ही बना सके थे।
इससे पहले, इंग्लैंड के गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत की पहली पारी 241 रनों पर समेट दी। इंग्लैंड की पहली पारी के स्कोर 316 रनों की तुलना में भारतीय टीम 75 रन पीछे रह गई।
भारतीय टीम की पहली पारी भोजनकाल तक भारत ने नौ विकेट पर 241 रन बनाए थे। भोजनकाल के तुरंत बाद हरफनमौला खिलाड़ी एंड्रयू फ्लिंटॉफ ने मिश्रा (12) को बोल्ड कर उसकी पारी समाप्त कर दी। ईशांत आठ रन बनाकर नाबाद लौटे।
दूसरे दिन शुक्रवार का खेल खत्म होने तक भारत ने 155 रन के कुल योग पर छह शीर्ष विकेट गंवा दिए थे। दूसरे दिन 24 रन बनाकर नाबाद लौटने वाले कप्तान धोनी 82 गेंदों पर पांच चौकों की मदद से 53 रन बनाकर आउट हुए।
हरभजन सिंह ने भी 58 गेंदों पर सात चौकों की मदद से 40 रनों की बेशकीमती पारी खेली। हरभजन दूसरे दिन 13 रन बनाकर नाबाद लौटे थे। उन्होंने कप्तान के साथ सातवें विकेट के लिए बहुमूल्य 75 रन जोड़े।
हाल के दिनों में कुछ अच्छी पारियां खेलने वाले जहीर खान ने निराश किया और एक रन बनाकर फ्लिंटॉफ की गेंद पर पगबाधा करार दिए गए।
इंग्लैंड की ओर से मोंटी पनेसर और फ्लिंटॉफ ने तीन-तीन विकेट लिए जबकि अपना पहला मैच खेल रहे ग्रीम स्वान को दो विकेट मिले। जेम्स एंडरसन और स्टीव हार्मिसन ने भी एक-एक सफलता हासिल की।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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