मेलबर्न। विश्वकप के क्वार्टर फाइनल मैच में रोहति शर्मा को गलत अंपायरिंग के चलते आउट नहीं दिये जाने पर सवाल उठाया है। आईसीसी अध्यक्ष मुस्तफा कमाल का यह आरोप हमे दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की याद दिलाता है। दिल्ली का मुख्यमंत्री रहने के दौरान केजरीवाल ने अपनी ही सरकार के खिलाफ धरना शुरु कर दिया था। कुछ ऐसा ही बांग्लादेश के मुस्तफा कमाल ने आईसीसी का अध्यक्ष होते हुए आईसीसी के अंपायरो पर सवाल उठाकर किया है।
क्या है केजरीवाल और मुस्तफा में समानता
मुस्तफा के गैर जिम्मेदाराना आरोप और बयान में केजरीवाल की तरह ही काफी समानता है। भारत के खिलाफ 109 रनों से हारने के बाद मुस्तफा ने खराब अंपायरिंग पर आरोप मढ़ दिया है। कुछ ऐसा ही 2014 के लोकसभा चुनाव में हार के बाद केजरीवाल ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाकर किया था। लेकिन दिल्ली में दोबारा जीतने के बाद उन्होंने चुनाव प्रक्रिया का साफ-सुथरा करार दिया था।
केजरीवाल और मुस्तफा अपने ही पद के खिलाफ लड़ रहे हैं
दिल्ली में मुख्यमंत्री के तौर पर केजरीवाल ने दिल्ली पुलिस को दिल्ली सरकार के अधीन करने के लिए सड़क पर धरना दिया था। यही नहीं उन्होंने 26 जनवरी की परेड़ तक को नहीं होने तक की धमकी नहीं दी थी। कुछ इसी तरह से मुस्तफा ने
मुस्तफा के अनुसार आईसीसी का मुखिया क्रिकेट नहीं खेलने वाले देश से होगा
बांग्लादेश की हार के बाद मुस्तफा ने आईसीसी के अध्यक्ष पद से इस्तीफे की धमकी दी है। ठीक इसी तरह की धमकी केजरीवाल ने भी दी थी। ऐसे में मुस्तफा के तर्क के अनुसार आईसीसी का अध्यक्ष किसी ऐसे देश को ही बनाया जा सकता है जो जो
देश क्रिकेट नहीं खेलता हो।
जिम्बाब्वे के मैच में गलत फैसलों पर चुप थे आईसीसी चीफ मुस्तफा
आईसीसी अध्यक्ष कमाल मुस्तफा ने जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच में अंपायरों के गलत फैसलों पर चुप्पी साधे रखी थी। उस मैच में गलत फैसलों के खिलाफ मुस्तफा ने कोई आवाज नहीं उठाया ना ही अपने पद से इस्तीफे की धमकी दी।
मुस्तफा को कल ही एहसास हुआ की क्रिकेट में भारत का दबदबा है
यहां गौर करने वाली बात है कि भारत के खिलाफ बांग्लादेश की हार के बाद ही मुस्तफा को यह एहसास हुआ कि क्रिकेट में भारत का दबदबा है। इससे पहले कभी भी किसी मैच में गलत अंपायरिंग के खिलाफ मुस्तफा ने सवाल नहीं उठाया। ठीक ऐसे ही सवाल केजरीवाल ने चुनाव आयोग और पीएम मोदी पर उठाये थे।