हरारे। जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी-20 में हार के बाद टीम इंडिया के खेमे में मायूसी थी। इस मायूसी को खुद मंदीप सिंह ने बयान किया। दूसरे टी-20 से पहले मंदीप सिंह ने कहा कि उन्हें मैच से पहले रात में नींद नहीं आयी। मंदीप सिंह ने कहा कि दबाव की वजह से वो रात में सो नहीं सके। मंदीप सिंह अगले दिन जिम्बाब्वे के खिलाफ 52 रनों की नाबाद पारी थी। उन्होंने कहा कि जब वह मैदान में खेलने उतरे तो उनका सारा दबाव और चिंता एकदम से खत्म हो गयी।
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मैच में जीत की अहमियत और सीरीज में बने रहना मंदीप के लिए काफी दबाव भरी चुनौती थी। उन्होंने कहा कि उनपर दबाव था कि चयनकर्ता उन्हें देख रहे होंगे। लेकिन जब मैं बल्लेबाजी करने उतरा तो यह काफी आसान लगने लगा। मंदीप ने कहा कि जब मैं बल्लेबाजी करने उतरा तो मेरे दिमाग में यह था कि 100 रन के लक्ष्य को कैसे हासिल करना है।
एक बार जब मैं मैदान के भीतर होता हूं तो मुझे किसी भी चीज की चिंता नहीं होती है। मैदान के भीतर बल्लेबाजी करते समय मुझे इस बात का खयाल आता है कि पिच कैसी है और किस तरह से मैं खुद को इस पिच पर ढाल सकूं। बल्लेबाजी के दौरान मैं कुछ भी नहीं सोचता मैं सिर्फ रन बनाने के बारे में सोचता हूं रिजल्ट के बारे में नहीं।
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पहले मैच में दो रनों से मिली हार के बाद हमने इस बात पर चर्चा की कि किस वजह से हमें हार का सामना करना पड़ा। जिसके बाद हमने उन अहम बिंदुओं पर ध्यान दिया और उसे दूसरे मैच में अपनाया जिसकी वजह से हमें जीत हासिल हुई। मंदीप सिंह ने बताया कि दूसरे मैच से पहले शाम को खिलाड़ियों ने दबाव लेने की बजाए मनोरंजन किया, कुछ खिलाड़ी फिल्म देखने गये तो कुछ ने फुटबॉल खेला।