नई दिल्ली। दुनिया भर में फैली महामारी कोरोना वायरस के बीच 8 जुलाई से अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट की वापसी हो रही है। इंग्लैंड और वेस्टइंडीज की टीमें 3 मैचों की टेस्ट सीरीज खेलने के लिये मैदान पर उतरेंगी। इस बीच भारतीय मूल के सिक्ख गेंदबाज अमर विरदी को भी टीम में शामिल किया जा सकता है। इंग्लैंड के लिये ऑफ स्पिन गेंदबाजी करने वाले अमर विरदी के पास भले ही अनुभव की कमी है लेकिन उन्हें उम्मीद है कि उन्हें वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज में जगह दी जायेगी। उल्लेखनीय है कि अगर अमर विरदी को वेस्टइंडीज के खिलाफ टीम में शामिल किया जाता है तो वह इंग्लैंड के लिये खेलने वाले तीसरे भारतीय मूल के स्पिन गेंदबाज होंगे।
अमर विरदी से पहले इंग्लैंड के लिये रवि बोपारा और मोंटी पानेसर ऐसा कारनामा कर चुके हैं। टेस्ट टीम में अपने चयन को लेकर इंग्लैंड के ऑफ स्पिनर अमर विरदी ने कहा कि वह पहले टेस्ट के लिए टीम में जगह बनाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, 'मैं निश्चित रूप से पहले टेस्ट मैच में खेलना चाहता हूं, या कम से कम टीम में जगह पक्की करना चाहता हूं। अगर मैं ऐसा नहीं करना चाहता तो शायद मुझे यहां नहीं होना चाहिए। मुझे खुद पर बहुत गर्व है कि मैं इस मुकाम पर पहुंचा हूं। मेरे लिए अगला चरण टेस्ट में जगह बनाने को लेकर है। इसके लिए मैं मेहनत जारी रखूंगा।'
गौरतलब है कि 21 साल के अमर विरदी के पास महज 23 फर्स्ट क्लास मैचों का अनुभव है, जिसमें अगर वो टीम में जगह बनाना चाहते हैं तो उन्हें जैक लीच, डॉम बेस, मैट पार्किंसन और मोइन अली जैसे अधिक अनुभवी स्पिनरों को पछाड़ना होगा।
उन्होंने कहा, 'जाहिर है कि मैं यहां हूं इसलिए मैं चाहता हूं कि टेस्ट क्रिकेट खेलूं। मैं अपनी तरफ से पूरा प्रयास करता रहूंगा ताकि टीम में जगह बना सकूं।मैं वास्तव में इस तरह प्रभावित करने की कोशिश नहीं करता हूं। मैं अपनी चीज करना चाहता हूं और चाहता हूं कि मैं जो हूं वही रहूं। कुछ और करने की जगह मैं अपने कौशल से प्रभावित करने की कोशिश करता हूं।'
आपको बता दें कि विरदी ने 23 फर्स्ट क्लास मैच खेलकर 69 विकेट हासिल किये हैं, इस दौरान मैदान पर वह आक्रामक क्रिकेट खेलते हुए विकेट लेने की तलाश में नजर आते हैं।
उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि आपको आक्रामक और हमेशा विकेट चटकाने के लिए तैयार होने की जरूरत है। हो सकता है कि पिचें हमेशा आपके अनुकूल न हों, लेकिन एक स्पिनर के तौर पर बल्लेबाजों को रोकने की कोशिश करते हैं। परिस्थितियां कैसी भी हो मेरी नजर हमेशा विकेट चटकाने पर होती है।'