
लार के इस्तेमाल से खिलाड़ियों की सेहत को खतरा
सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये हुई आईसीसी की इस मीटिंग में अनिल कुंबले की अगुवाई वाली समिति ने आईसीसी क्रिकेट कमिटी के सामने यह प्रस्ताव पेश किया, जिसके तहत कमिटी ने एक बार फिर प्रत्येक इंटरनैशनल मैच में अतटस्थ अंपायरों के नियम को वापस लाने पर जोर दिया।
आईसीसी द्वारा जारी विज्ञप्ति में अनिल कुंबले ने कहा, 'गेंद की शाइन को चमकाने के लिए लार का इस्तेमाल, खासतौर से लाल गेंद फॉर्मेट में होता है, जिससे गेंद को स्विंग कराने में मदद मिलती है लेकिन ऐसा करने से अब सेहत पर खतरा दिख रहा है।'

सुरक्षा के लिहाज से बेहद जरूरी है बैन
कमिटी ने कहा कि मौजूदा दौर में हम सभी एक ऐसी अजीब स्थिति का सामना कर रहे हैं जिसके बारे में किसी ने नहीं सोचा था। इस समय कमिटी के ओर से दी गई सभी सिफारिशें अंतरिम हैं जो कि सुरक्षा के दृष्टिकोण और फिर से अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट शुरु करने के लिहाज से जरूरी है।
गौरतलब है कि पिछले महीने से यह उम्मीद जताई जा रही थी कि सुरक्षा मानकों के तहत आईसीसी मैच के दौरान लार या पसीने के इस्तेमाल पर बैन लगा देगा।

पूरी तरह से बदल जायेगा अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट
आपको बता दें कि अगर आईसीसी इस प्रस्ताव को मंजूरी दे देती है तो यह कहना गलत नहीं होगा कि क्रिकेट में एक नये युग की शुरुआत होगी। हालांकि अभी यह बता पाना मुश्किल है कि इस नियम के आने के बाद से गेंद और बल्ले के बीच के संतुलन का खेल कितना प्रभावित होता है।


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