भारतीय शेरों ने किया पोटिंग का घमंड चूर-चूर
बैंगलुरू। किसी का घमंड चूर करना क्या होता है? अगर ये जानना है तो आपको को भारत की टीम इंडिया से मिलना पड़ेगा, जिसने आस्ट्रेलिया के कप्तान रिकी पोटिंग के घमंड को आज चूर-चूर कर दिया है। चेन्नास्वामी स्टेडियम में भारत ने कंगारूओं को 7 विकेट से शिकस्त देकर जहां बोर्डर-गावस्कर ट्रॉफी पर कब्जा किया वहीं आस्ट्रेलिया के खिलाफ क्लीन स्वीप करके एक नया इतिहास रच दिया। साथ ही रिकि पोटिंग को ये भी जता दिया कि भारत केवल कागजी टीम नहीं है औऱ न ही वो वन मैन आर्मी है।
इस जीत के साथ भारत आईसीसी टेस्ट टीम रैंकिंग में 130 अंकों के साथ शीर्ष बनी हुई है जबकि सीरीज हार के बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम रैंकिंग में एक पायदान फिसल कर पांचवें स्थान पर पहुंच गई। इस जीत का श्रेय पूरी टीम को जाता है जिसने संगठित होकर एक स्वस्थ खेल का परिचय दिया। बैंगलोर टेस्ट के हीरो रहे सचिन तेंदुलकर। सचिन ने पहली पारी में दोहरा शतक और दूसरी पारी में नाबाद अर्धशतक लगाकर टीम इंडिया की जीत पक्की कर दी। लेकिन सचिन के अलावा मुरली विजय और चेतेश्वर पुजारा ने शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए जीत में अहम भूमिका निभाई।
ऑस्ट्रेलिया द्वारा दूसरी पारी में जीत के लिए दिए 207 रन के लक्ष्य को भारत ने सात विकेट शेष रहते ही हासिल कर लिया। पहली पारी में दोहरा शतक लगाने वाले सचिन तेंदुलकर 53 और राहुल द्रविड़ 21 रन बनाकर अविजित रहे। सचिन ने ही वीनिंग शॉट मारा, और सोविनर विकेट उखाड़कर अपनी खुशी का इजहार किया। तेंदुलकर को मैन ऑफ द मैच और मैन ऑफ द सीरीज पुरस्कार से नवाजा गया।
भारत के लिए बेंगलूरू मैच शानदार रहा। टीम इंडिया को इस मुकाबले में मुरली विजय और चेतेश्वर पुजारा जैसी युवा प्रतिभाएं मिली। विजय ने पहली पारी में करियर का पहला शतक जमाया था। दूसरी पारी में पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रहे चेतेश्वर पुजारा ने बेहतरीन अर्धशतक जमाया। तो वहीं भारत के स्टार तेज गेंदबाज जहीर खान पहली पारी में फ्लोप होने के बाद दूसरी पारी में रंग में लौटते दिखे।
जहीर ने पुछल्ले बल्लेबाजों को जल्दी पैवेलियन भेजकर भारत की जीत में अहम योगदान किया। श्रीसंथ ने दूसरे छोर से उनका बखूबी साथ दिया। टीम इंडिया की स्ट्रेंथ कहे जाने वाले फिरकी गेंदबाजों ने जीत की नींव रखी। प्रज्ञान ओझा ने हरभजन सिंह के साथ मिलकर ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को सांस लेने नहीं दिया । दूसरी पारी में ओझा ने तीन और भज्जी ने दो विकेट चटकाए।
बात अगर मोहाली की करें तो वहां के हीरो वीवीएस लक्ष्मण थे जिन्होंने भारत को उस समय जीत दिलाई जब भारत पूरी तरह हार के आगोश में था।उन्होंने एक बार फिर से साबित कर दिया कि आखिर वो इतने वेरी-वेरी स्पेशल क्यों हैं? ईशान शर्मा की घातक गेंदबाजी के आगे आस्ट्रेलिया को आखिरकार झुकना ही पड़ा।
फिलहाल ये कहा जा सकता है कि टीम इंडिया अपनी पूरी रंगत में हैं, ये जीत भारत की संगठित जीत है। उम्मीद की जा सकती है कि आगामी 17 अक्टूबर से आस्ट्रेलिया के खिलाफ शुरू होने वाले वन डे सीरीज में भारत इसी लय में दिखेगा।
इस जीत के साथ भारत आईसीसी टेस्ट टीम रैंकिंग में 130 अंकों के साथ शीर्ष बनी हुई है जबकि सीरीज हार के बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम रैंकिंग में एक पायदान फिसल कर पांचवें स्थान पर पहुंच गई। इस जीत का श्रेय पूरी टीम को जाता है जिसने संगठित होकर एक स्वस्थ खेल का परिचय दिया। बैंगलोर टेस्ट के हीरो रहे सचिन तेंदुलकर। सचिन ने पहली पारी में दोहरा शतक और दूसरी पारी में नाबाद अर्धशतक लगाकर टीम इंडिया की जीत पक्की कर दी। लेकिन सचिन के अलावा मुरली विजय और चेतेश्वर पुजारा ने शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए जीत में अहम भूमिका निभाई।
ऑस्ट्रेलिया द्वारा दूसरी पारी में जीत के लिए दिए 207 रन के लक्ष्य को भारत ने सात विकेट शेष रहते ही हासिल कर लिया। पहली पारी में दोहरा शतक लगाने वाले सचिन तेंदुलकर 53 और राहुल द्रविड़ 21 रन बनाकर अविजित रहे। सचिन ने ही वीनिंग शॉट मारा, और सोविनर विकेट उखाड़कर अपनी खुशी का इजहार किया। तेंदुलकर को मैन ऑफ द मैच और मैन ऑफ द सीरीज पुरस्कार से नवाजा गया।
भारत के लिए बेंगलूरू मैच शानदार रहा। टीम इंडिया को इस मुकाबले में मुरली विजय और चेतेश्वर पुजारा जैसी युवा प्रतिभाएं मिली। विजय ने पहली पारी में करियर का पहला शतक जमाया था। दूसरी पारी में पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रहे चेतेश्वर पुजारा ने बेहतरीन अर्धशतक जमाया। तो वहीं भारत के स्टार तेज गेंदबाज जहीर खान पहली पारी में फ्लोप होने के बाद दूसरी पारी में रंग में लौटते दिखे।
जहीर ने पुछल्ले बल्लेबाजों को जल्दी पैवेलियन भेजकर भारत की जीत में अहम योगदान किया। श्रीसंथ ने दूसरे छोर से उनका बखूबी साथ दिया। टीम इंडिया की स्ट्रेंथ कहे जाने वाले फिरकी गेंदबाजों ने जीत की नींव रखी। प्रज्ञान ओझा ने हरभजन सिंह के साथ मिलकर ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को सांस लेने नहीं दिया । दूसरी पारी में ओझा ने तीन और भज्जी ने दो विकेट चटकाए।
बात अगर मोहाली की करें तो वहां के हीरो वीवीएस लक्ष्मण थे जिन्होंने भारत को उस समय जीत दिलाई जब भारत पूरी तरह हार के आगोश में था।उन्होंने एक बार फिर से साबित कर दिया कि आखिर वो इतने वेरी-वेरी स्पेशल क्यों हैं? ईशान शर्मा की घातक गेंदबाजी के आगे आस्ट्रेलिया को आखिरकार झुकना ही पड़ा।
फिलहाल ये कहा जा सकता है कि टीम इंडिया अपनी पूरी रंगत में हैं, ये जीत भारत की संगठित जीत है। उम्मीद की जा सकती है कि आगामी 17 अक्टूबर से आस्ट्रेलिया के खिलाफ शुरू होने वाले वन डे सीरीज में भारत इसी लय में दिखेगा।
Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 12:20 [IST]
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