एशिया कप में भारत-पाक नहीं, जज़्बात भिड़ेंगे
एक लंबे अरसे के बाद 19 जून को भारत और उसका कट्टर पड़ोसी देश पाकिस्तान, क्रिकेट के मैदान पर आमने सामने होगा। इस बार का एशिया कप शायद इसी कारण बेहद सुर्खियों में हैं। क्योंकि इस बार कई ऐसे कारण हैं जिनकी वजह से ये कार्यक्रम बेहद रोमांचक और दिलचस्प दौर में पहुंच गया हैं। यूं तो भारत का क्रिकेट दौरा हमेशा ही बेहद बिजी रहता है लेकिन इस बार उसकी व्यस्तता में भी लोगों को मजा आने लगा है। तो चलिए आपसे कुछ ऐसे ही दिलचस्प बिंदुओं का जिक्र करते हैं ।
सबसे पहले बात करते हैं अपनी टीम यानी धोनी की सेना की। तो इस टूर्नामेंट मे टीम इंडिया का प्रदर्शन तय करेगा कि धोनी के पास टीम की कमान आगे रहेगी या नहीं। बीसीसीआई ने धोनी के विकल्प सहवाग को बखूबी खोज रखा है। वो तो इस बार ही धोनी का सिंहासन छीनने के चक्कर में थी लेकिन शायद उसे श्रीकांत और धोनी के पिछले योगदान याद आ गए इसलिए धोनी को इस बार मौका दे दिया गया। दूसरी खास बात इस कप की ये भी है कि टीम में सहवाग जैसे कई वरिष्ठ खिलाड़ियों की वापसी हुई हैं जो लंबे अरसे से विराम अवस्था में थे।
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अभी तक टीम के लचर प्रदर्शन के पीछे अनुभवहीन खिलाड़ियो को कारण बताया जा रहा था , अब देखते हैं कि वरिष्ठ खिलाड़ियों की स्थिति क्या रंग लाती है? तीसरी खासियत इस टीम में सौरभ तिवारी जैसा सितारा है, जिससे उम्मीद की जा रही है कि वो टीम में सचिन की कमी खलने नहीं देगा, क्योंकि मुंबई इंडियंस में अपने शानदार प्रदर्शन की बदौलत वो केवल देश का ही नहीं बल्कि खुद सचिन का भी दुलारा है तभी तो उसके चयन के बाद हर कोई ये कह रहा है कि सौरभ के काम सचिन की टिप्स आयीं है, देखना दिलचस्प होगा कि सौरभ का सचिन मूलमंत्र क्रिकेट के मैदान पर उसके और देश के लिए कितना कारगर होता है?
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अब बात जरा पाक टीम की करते हैं, जो कि बेहद कष्टप्रद दौर से गुजरी है। शाहिद अफरीदी की कप्तानी में एशिया कप खेल रही पाक टीम पिछले कई महीनों से शायद चैन की नींद सो नहीं पायी है। कभी सट्टेबाजी का दंश झेल रही तो कभी टीम सदस्यों के मनमुटाव को सुलझाती पाक टीम भारत के सामने 19 जून को होगी। हालांकि उसकी टीम में रावलपिंडी की वापसी हुई है और अंसारी और उमर अपने स्वर्णिम दौर में हैं, लेकिन फिर भी उसकी राह आसान नहीं हैं।अख्तर और अंसारी को मैदान में उतरने के लिए डोपिंग टेस्ट देना होगा, जिससे साबित होता है कि पाक खिलाड़ियों पर पूरी तरह से भरोसा करना अभी भी थोड़ा मुश्किल है।
सबसे पहले बात करते हैं अपनी टीम यानी धोनी की सेना की। तो इस टूर्नामेंट मे टीम इंडिया का प्रदर्शन तय करेगा कि धोनी के पास टीम की कमान आगे रहेगी या नहीं। बीसीसीआई ने धोनी के विकल्प सहवाग को बखूबी खोज रखा है। वो तो इस बार ही धोनी का सिंहासन छीनने के चक्कर में थी लेकिन शायद उसे श्रीकांत और धोनी के पिछले योगदान याद आ गए इसलिए धोनी को इस बार मौका दे दिया गया। दूसरी खास बात इस कप की ये भी है कि टीम में सहवाग जैसे कई वरिष्ठ खिलाड़ियों की वापसी हुई हैं जो लंबे अरसे से विराम अवस्था में थे।
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अभी तक टीम के लचर प्रदर्शन के पीछे अनुभवहीन खिलाड़ियो को कारण बताया जा रहा था , अब देखते हैं कि वरिष्ठ खिलाड़ियों की स्थिति क्या रंग लाती है? तीसरी खासियत इस टीम में सौरभ तिवारी जैसा सितारा है, जिससे उम्मीद की जा रही है कि वो टीम में सचिन की कमी खलने नहीं देगा, क्योंकि मुंबई इंडियंस में अपने शानदार प्रदर्शन की बदौलत वो केवल देश का ही नहीं बल्कि खुद सचिन का भी दुलारा है तभी तो उसके चयन के बाद हर कोई ये कह रहा है कि सौरभ के काम सचिन की टिप्स आयीं है, देखना दिलचस्प होगा कि सौरभ का सचिन मूलमंत्र क्रिकेट के मैदान पर उसके और देश के लिए कितना कारगर होता है?
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अब बात जरा पाक टीम की करते हैं, जो कि बेहद कष्टप्रद दौर से गुजरी है। शाहिद अफरीदी की कप्तानी में एशिया कप खेल रही पाक टीम पिछले कई महीनों से शायद चैन की नींद सो नहीं पायी है। कभी सट्टेबाजी का दंश झेल रही तो कभी टीम सदस्यों के मनमुटाव को सुलझाती पाक टीम भारत के सामने 19 जून को होगी। हालांकि उसकी टीम में रावलपिंडी की वापसी हुई है और अंसारी और उमर अपने स्वर्णिम दौर में हैं, लेकिन फिर भी उसकी राह आसान नहीं हैं।अख्तर और अंसारी को मैदान में उतरने के लिए डोपिंग टेस्ट देना होगा, जिससे साबित होता है कि पाक खिलाड़ियों पर पूरी तरह से भरोसा करना अभी भी थोड़ा मुश्किल है।
हालांकि उमर ने कहा है कि वो अपने मैच का आगाज सचिन के बल्ले से करेंगे और सब के छक्के छुडा देंगे। कुल मिला कर कहा जा सकता है कि दोनों ही टीमों पर जबरदस्त प्रेशर होगा, जिसके पीछे खेल ही नहीं दोनों देशों के निवासियों की कोमल भावनाएं हैं जो अपने अपने देशों की विजय चाहते हैं। फिलहाल ये मुकाबला भारत बनाम पाक नहीं, अख्तर बनाम सहवाग नहीं, सौरभ बनाम उमर नहीं और न ही धोनी बनाम अफरीदी है बल्कि ये मुकाबला भावना बनाम जज्बात है।
Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 12:19 [IST]
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