महिलाओं से दूर होकर भी महिलाओं के बीच
कुछ ऐसा रांची की पुलिस भी सोच रही है ताकि उनकी महिला प्रशंसक उनसे दूर रहे. इसी के मद्देनज़र झारखंड पुलिस नें भारतीय कप्तान की सुरक्षा में महिला कमांडो की एक टुकडी को तैनात किया है.
रांची के सीनियर एसपी मनविंदर सिंह भाटिया कहते हैं, " पिछले साल कोलकाता के ईडन गार्डन मैदान में एक 18 वर्षीया महिला प्रशंसक नें सुरक्षा घेरे को तोड़ दिया था और भरी पब्लिक के सामने महेंद्र सिंह धोनी से लिपट गई थी . महिला प्रशंसकों के बीच माही का बहुत ज़्यादा क्रेज़ है . इसीलिए हमने महिला कमांडो तैनात किए हैं."
भाटिया का कहना है की पुरुष कमांडो की तुलना में महिला प्रशंसकों से महिला कमांडो बेहतर तरीके से निपट सकती हैं. धोनी के मित्र बताते हैं की कोलकाता की घटना से माही काफ़ी हिल गए थे और आशंकित रहने लगे थे . यही वजह है की झारखंड पुलिस नें इस तरह का कदम उठाया.
धोनी काफ़ी थके हुए हैं और फिलहाल अपने शहर रांची में आराम कर रहे हैं. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के व्यस्त कार्यक्रम के कारण धोनी लगभग साढ़े तीन महीने बाद अपने शहर रांची आए हैं.
वो ज़्यादातर वक्त अपने मित्रों और परिवार के लोगों के बीच बिता रहे हैं . बीच -बीच में अगर वो डॉक्टर के पास जाते हैं या फिर अपने किसी मित्र के यहाँ तो उनके प्रशंसक उन्हें ऑटोग्राफ़ या फिर तस्वीर खिंचवाने के लिए घेर लेते हैं.
धोनी के लिए महिला कमांडो
धोनी अकसर महिला प्रशंसकों से घिरे रहते हैं
धोनी जवान दिलों की धड़कन बन चुके हैं. अभी तक कुंवारे होने के चलते उनकी महिला प्रशंसकों नें एक तरह से उनका चलना फिरना मुहाल कर दिया है.
वैसे धोनी की सुरक्षा में तैनात महिला कमांडो आदिवासी हैं और इस तरह की ड्यूटी का वो आनंद भी ले रहीं हैं . कड़े प्रशिक्षण के बाद उन्होंने सोचा था के उनको किसी दुर्गम इलाके में तैनात किया जायेगा .
"मैंने हमेशा धोनी को टीवी पर ही देखा था . पहली बार उन्हें करीब से देखने का मौका मिला है", यह कहतीं हैं सीमा टोप्पो जो रांची के मकान कालोनी स्थित धोनी के घर के बाहर तैनात हैं.
यह बोलते बोलते वो शर्मा भी जातीं हैं. उनकी सहयोगी कमांडो कहतीं हैं, " धोनी सचमुच बहुत हैंडसम हैं ."
बहरहाल झारखंड पुलिस के प्रवक्ता एसएन प्रधान कहते हैं की मीडिया को यह भी सोचना चाचिए के महिला कमांडो ने भी वही प्रशिक्षण प्राप्त किया है जो उनके पुरुष सहयोगियों ने किया है . वो पूछते हैं, " महिला प्रशंसकों को काबू में करने के लिए इस से बेहतर और क्या इंतज़ाम हो सकता है ?"
रांची पुलिस की यह कवायद उन्हें महिला प्रशंसकों से दूर रखने की ज़रूर है मगर भारतीय टीम के कप्तान फिर भी महिलाओं से ही घिरे रहेंगे . इस बार यह वर्दी वाली महिलाएं हैं .
रांची के सीनियर एसपी मनविंदर सिंह भाटिया कहते हैं, " पिछले साल कोलकाता के ईडन गार्डन मैदान में एक 18 वर्षीया महिला प्रशंसक नें सुरक्षा घेरे को तोड़ दिया था और भरी पब्लिक के सामने महेंद्र सिंह धोनी से लिपट गई थी . महिला प्रशंसकों के बीच माही का बहुत ज़्यादा क्रेज़ है . इसीलिए हमने महिला कमांडो तैनात किए हैं."
भाटिया का कहना है की पुरुष कमांडो की तुलना में महिला प्रशंसकों से महिला कमांडो बेहतर तरीके से निपट सकती हैं. धोनी के मित्र बताते हैं की कोलकाता की घटना से माही काफ़ी हिल गए थे और आशंकित रहने लगे थे . यही वजह है की झारखंड पुलिस नें इस तरह का कदम उठाया.
धोनी काफ़ी थके हुए हैं और फिलहाल अपने शहर रांची में आराम कर रहे हैं. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के व्यस्त कार्यक्रम के कारण धोनी लगभग साढ़े तीन महीने बाद अपने शहर रांची आए हैं.
वो ज़्यादातर वक्त अपने मित्रों और परिवार के लोगों के बीच बिता रहे हैं . बीच -बीच में अगर वो डॉक्टर के पास जाते हैं या फिर अपने किसी मित्र के यहाँ तो उनके प्रशंसक उन्हें ऑटोग्राफ़ या फिर तस्वीर खिंचवाने के लिए घेर लेते हैं.
धोनी के लिए महिला कमांडो
धोनी अकसर महिला प्रशंसकों से घिरे रहते हैं
धोनी जवान दिलों की धड़कन बन चुके हैं. अभी तक कुंवारे होने के चलते उनकी महिला प्रशंसकों नें एक तरह से उनका चलना फिरना मुहाल कर दिया है.
वैसे धोनी की सुरक्षा में तैनात महिला कमांडो आदिवासी हैं और इस तरह की ड्यूटी का वो आनंद भी ले रहीं हैं . कड़े प्रशिक्षण के बाद उन्होंने सोचा था के उनको किसी दुर्गम इलाके में तैनात किया जायेगा .
"मैंने हमेशा धोनी को टीवी पर ही देखा था . पहली बार उन्हें करीब से देखने का मौका मिला है", यह कहतीं हैं सीमा टोप्पो जो रांची के मकान कालोनी स्थित धोनी के घर के बाहर तैनात हैं.
यह बोलते बोलते वो शर्मा भी जातीं हैं. उनकी सहयोगी कमांडो कहतीं हैं, " धोनी सचमुच बहुत हैंडसम हैं ."
बहरहाल झारखंड पुलिस के प्रवक्ता एसएन प्रधान कहते हैं की मीडिया को यह भी सोचना चाचिए के महिला कमांडो ने भी वही प्रशिक्षण प्राप्त किया है जो उनके पुरुष सहयोगियों ने किया है . वो पूछते हैं, " महिला प्रशंसकों को काबू में करने के लिए इस से बेहतर और क्या इंतज़ाम हो सकता है ?"
रांची पुलिस की यह कवायद उन्हें महिला प्रशंसकों से दूर रखने की ज़रूर है मगर भारतीय टीम के कप्तान फिर भी महिलाओं से ही घिरे रहेंगे . इस बार यह वर्दी वाली महिलाएं हैं .
Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 12:19 [IST]
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