नई दिल्ली। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच जारी सीमित ओवर्स प्रारूप की सीरीज मंगलवार को समाप्त हो गई जिसमें वनडे सीरीज को 2-1 से गंवाने के बाद भारतीय टीम ने जबरदस्त वापसी की और टी20 सीरीज में 2-1 से जीत हासिल की। इस सीरीज के दौरान भारतीय टीम के लिये हार्दिक पांड्या ने शानदार बल्लेबाजी की और मुश्किल परिस्थितियों में शानदार पारियां खेलकर टीम को जीत दिलाने का काम किया। सीरीज में जीत के बाद इस बल्लेबाज ने कहा था कि उन्हें अपने बेटे को देखे हुए 4 महीने से ज्यादा का समय बीत गया है लेकिन अगर टीम को उनकी जरूरत लगती है तो वह 4 मैचों की टेस्ट सीरीज के लिये ऑस्ट्रेलिया में रुकने को तैयार हैं।
इसके बाद कयास लगाये जाने लगे थे कि शायद हार्दिक पांड्या भी बतौर बल्लेबाज टेस्ट टीम का हिस्सा बन सके। उल्लेखनीय है कि हार्दिक पांड्या ने पिछले साल पीठ की सर्जरी करवाने के बाद पहली बार इस दौरे पर अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी की, हालांकि वह इस दौरान सिर्फ बल्लेबाज के तौर पर खेलते नजर आये।
और पढ़ें: IPL से अब तक 137 करोड़ कमा चुके हैं एमएस धोनी, जानें कोहली-रोहित को मिला कितना पैसा
हार्दिक पांड्या के फिजियो के अनुसार हार्दिक पांड्या को गेंदबाजी करने के लिये अभी कम से कम एक साल का इंतजार करना होगा और अपनी चोट को पूरी तरह से उबरने देना होगा। इसके बावजूद हार्दिक पांड्या ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे वनडे मैच में टीम को जरूरत पड़ने पर 4 ओवर गेंदबाजी की थी।
वहीं भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली ने हार्दिक पांड्या के टेस्ट सीरीज में खेलने के लिये रुकने के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है और कहा है कि इस सीरीज के दौरान टीम को उनकी बल्लेबाजी के साथ-साथ गेंदबाजी की भी जरूरत है। अगर वह टेस्ट टीम में अपना चयन चाहते हैं तो उन्हें गेंदबाजी भी करके दिखानी होगी।
सिडनी में 12 रनों से मैच हारने के बाद कप्तान कोहली ने कहा,' हार्दिक ने शानदार प्रदर्शन किया है। वह गेंदबाजी नहीं कर सकता और हम इस बात को जानते हैं पर हमें उसकी गेंदबाजी की जरूरत है। टेस्ट टीम में वापसी के लिये उन्हें गेंदबाजी करनी और तब जाके हमारी टीम में वो संतुलन आयेगा जिसकी हमें तलाश है।'
और पढ़ें: AUS vs IND: संजू सैमसन को लेकर नाराज हुए कैफ-हरभजन, कहा- ऐसा रहा तो आगे मौका मिलना मुश्किल
कोहली ने आगे बताया कि पांड्या खुद भी गेंदबाजी करना चाहते हैं और टीम के लिये एक ऑलराउंडर के रूप में खेलना चाहते हैं ताकि वह टेस्ट क्रिकेट में अपना पूरा योगदान दे सकें। ऐसे में अगर वह टेस्ट में खेलना चाहते हैं तो उन्हें गेंदबाजी करनी होगी वरना वो टीम का हिस्सा नहीं बन पायेंगे।
आपको बता दें कि दोनों टीमों के बीच सीरीज का पहला मैच एडिलेड के मैदान पर डे नाइट प्रारूप में 17 दिसंबर से खेला जायेगा।