मेहमानों के लिए तैयार है दिलवालों की दिल्ली
नई दिल्ली। राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन में उठे विवादों को पीछे छोड़ते हुए दिल्लीवासी मेहमानों का स्वागत और खेलों का लुत्फ उठाने के लिए तैयार हैं। नए रूप में दिल्ली लोगों को सुखद अहसास करा रही है।खेलों के मद्देनजर राजधानी की सूरत बदल गई है। इसकी सुंदरता में विश्व स्तर के हवाई अड्डे, मेट्रो रेल सेवा, चमकती सड़कें. साफ-सुथरे बस स्टॉप और हरियाली युक्त फुटपाथ ने और इजाफा कर दिया है।
बीमारियों और बारिश की चुनौतियों के बावजूद नई दिल्ली नगर निगम (एनडीएमसी), दिल्ली नगर निमग (एमसीडी) और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने विकास कार्य करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है।राष्ट्रमंडल खेलों के लिए के लिए विदेशी मेहमानों और लोगों को असुविधा न हो इसके लिए स्थानीय निकायों ने जगह-जगह टेलीफोन बूथ, शौचालय, मार्गो को बताने वाले बड़े इश्तहार और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की है।
निकायों की इस व्यवस्था पर राजधानी के धीरज साहनी ने आईएएनएस को बाताया, "राष्ट्रमंडल खेलों की सफलता को लेकर नकारात्मक प्रचार किया गया। लेकिन अब खेलों के लिए राजधानी पूरी तरह से तैयार है, क्योंकि खेलों की सफलता देश की प्रतिष्ठा से जुड़ी है। "वहीं, दिल्ली के एक कारोबारी गीतांजलि गुलाटी ने कहा कि कनॉट प्लेस की सड़कों पर अव्यवस्था न होने से अच्छा लगता है। गली-चौराहों पर इतनी सुरक्षा और हरियाली पहले कभी नहीं दिखी थी। ये सारी चीजें खेलों के बाद भी होनी चाहिए।
उल्लेखनीय है कि कनॉट प्लेस में मलबे का अंबार लगा था। यहां कि सड़कों को चौड़ा करने और फुटपाथ की दुकानों को हटाने में नागरिक निकायों को करीब दो साल का समय लगा है। जबकि यहां के बाहरी क्षेत्र में भूमिगत मार्ग अभी भी निर्माणाधीन है। दिल्ली नगर निमग के प्रवक्ता दीप माथुर ने बताया, "हम आज की दिल्ली का यह रूप बहुत पहले देना चाहते थे। राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन ने इस काम के लिए सुनहरा मौका दिया है।"
बीमारियों और बारिश की चुनौतियों के बावजूद नई दिल्ली नगर निगम (एनडीएमसी), दिल्ली नगर निमग (एमसीडी) और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने विकास कार्य करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है।राष्ट्रमंडल खेलों के लिए के लिए विदेशी मेहमानों और लोगों को असुविधा न हो इसके लिए स्थानीय निकायों ने जगह-जगह टेलीफोन बूथ, शौचालय, मार्गो को बताने वाले बड़े इश्तहार और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की है।
निकायों की इस व्यवस्था पर राजधानी के धीरज साहनी ने आईएएनएस को बाताया, "राष्ट्रमंडल खेलों की सफलता को लेकर नकारात्मक प्रचार किया गया। लेकिन अब खेलों के लिए राजधानी पूरी तरह से तैयार है, क्योंकि खेलों की सफलता देश की प्रतिष्ठा से जुड़ी है। "वहीं, दिल्ली के एक कारोबारी गीतांजलि गुलाटी ने कहा कि कनॉट प्लेस की सड़कों पर अव्यवस्था न होने से अच्छा लगता है। गली-चौराहों पर इतनी सुरक्षा और हरियाली पहले कभी नहीं दिखी थी। ये सारी चीजें खेलों के बाद भी होनी चाहिए।
उल्लेखनीय है कि कनॉट प्लेस में मलबे का अंबार लगा था। यहां कि सड़कों को चौड़ा करने और फुटपाथ की दुकानों को हटाने में नागरिक निकायों को करीब दो साल का समय लगा है। जबकि यहां के बाहरी क्षेत्र में भूमिगत मार्ग अभी भी निर्माणाधीन है। दिल्ली नगर निमग के प्रवक्ता दीप माथुर ने बताया, "हम आज की दिल्ली का यह रूप बहुत पहले देना चाहते थे। राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन ने इस काम के लिए सुनहरा मौका दिया है।"
Story first published: Monday, November 13, 2017, 11:22 [IST]
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