ब्रिटेन के समाचार पत्र 'गार्जियन' के मुताबिक पीटरसन की पसली लगभग तीन सप्ताह पहले कटक में खेले गए पांचवें एकदिवसीय मुकाबले के दौरान टूटी थी।
कप्तान ने माना कि चेन्नई टेस्ट से पहले उन्होंने कई रातें यह सोचते हुए जागकर काटी थीं कि उनकी टीम को भारत सरकार से मिली सुरक्षा की गारंटी को स्वीकार करते हुए भारत दौरे पर जाना चाहिए या नहीं। इसी कारण सोमवार तक उन्हें अपनी चोट की फिक्र नहीं थी।
पीटरसन ने कहा, "मेरी पसली टूट गई थी। मैं किसी तरह का ड्रॉमा नहीं कर रहा। मुझे इंजेक्शन पसंद नहीं और यही कारण है कि मैंने दर्द निवारक दवाइयां लीं और अपनी टीम का नेतृत्व किया।"
चेन्नई टेस्ट की पहली पारी में चार और दूसरी पारी में एक रन बनाने वाले पीटरसन ने कहा कि वे सोमवार को क्षेत्ररक्षण के दौरान मैदान में असहज महसूस कर रहे थे। अब उन्होंने इसी हालत में मोहाली टेस्ट खेलने का फैसला किया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।