नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट को पारदर्शी और साफ-सुथरा रखने के सुप्रीम कोर्ट के प्रयासों के दरमियां बीसीए यानी बड़ौदा क्रिकेट एसोसिएशन ने एक ऐसा कदम उठाया है जो कि हैरान करने वाला है।
बीसीए ने आपराधिक छवि वाले एक शख्स को ही रणजी टीम का कोच बना दिया है। दरअसल, जैकब मार्टिन मानव तस्करी के आरोप में जेल जा चुके हैं और उन्हें रणजी टीम का कोच बना दिया गया है।
इस फैसले के बाद लोढ़ा समिति की सिफारिशों एक तरफ और यह हैरान करने वाला निर्णय आमने-सामने आ खड़े हुए हैं। लोढ़ा समिति की सिफारिशों में साफ है कि भारतीय क्रिकेट में किसी भी आपराधिक छवि वाले इंसान को करीब भी न पहुंचने दिया जाए।
भारतीय क्रिकेट टीम की तरफ से कुल 10 अंतरराष्ट्रीय वनडे मैच खेलने वाले जैकब मार्टिन को बीसीए ने रणजी कोच नियुक्त किया है। बीसीए बीसीसीआई से संबंधित है। जैकब को 7 वर्ष पहले 2009 में आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने की वजह से सजा हुई थी। जैकब रेलवे और बड़ौदा के लिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेल चुके हैं।
जैकब मार्टिन को आज से 7 साल पहले 2009 में दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर अरेस्ट किया था। उन पर 2003 में मानव तस्करी से जुड़ा एक आरोप था। उनपर एक लड़के को पैसों के बदले क्रिकेट खेलने का लालच देकर ब्रिटेन ले जाने का आरोप था। उन्होंने उस लड़के का फर्जी पासपोर्ट बनवाया था। यह खुलासा बाद में खुद उस लड़के ने किया था।
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अंग्रेजी वेबसाइट एनडीटी ने रिपोर्ट में बताया है कि जैकब मार्टिन ने सर्वोच्च न्यायालय में जमानत की अपील की तो उसे खारिज कर दिया गया था। इतना ही नहीं, जैकब की जानकारी देने वाले को 25 हज़ार रुपए बतौर इनाम देने की भी घोषणा हुई थी।
जैकब को 2011 में दिल्ली के शाहदरा इलाके से गिरफ्तार किया गया। कानून से भागने समेत उनपर कई गंभीर आरोप लगे। जैकब मार्टिन को हाल ही जमानत मिली है और उन्हें अब रणजी कोच बना दिया गया है।
जैकब को कोच बनाए जाने पर एक वरिष्ठ खिलाड़ी ने कहा कि तिहाड़ जेल में रहे शख्स को कोच बनाना अनैतिक है। कानून की नजर में बुरा आदमी इस पद योग्य नहीं है।