'धन के चक्‍कर में खतरे में क्रिकेट'
दुबई, 11 सितम्बर: साल में एकदिवसीय और टैस्ट मैचों के व्यस्ततम कार्यक्रम के साथ ट्वेंटी-20 की भरमार खिलाडि़यों के लिए चिंता का विषय है। इन तीनों के बीच बेहतर तामलमेल बैठाये रखना जरूरी है। यदि ऐसा नहीं हुआ तो टेस्ट और एकदिवसीय मैचों का वजूद खतरे में पड़ सकता है।
धन कमाने के लिए हम क्रिकेट को खतरे में नहीं डाल सकते। आखिर खिलाड़ी कितना खेलेंगे। किसी ने भी क्रिकेट की बेहतरी के बारे में नहीं सोचा। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बात है।
श्रीलंका क्रिकेट टीम के कप्तान माहेला जयवर्धने ने क्रिकेट जगत में ट्वेंटी-20 स्पर्धाओं की बढ़ती संख्या पर चिंता जताते यह बात कही। उन्होंने कहा कि एकदिवसीय, टेस्ट और ट्वेंटी-20 के बीच बेहतर तालमेल बैठाये रखने के लिए साल में सिर्फ एक बड़ा टूर्नामेंट ट्वेंटी-20 क्रिकेट का होना चाहिए। बाकी का समय टेस्ट तथा एकदिवसीय मैचों के लिए सुरक्षित रहना चाहिए।
जयवर्धने के मुताबिक ट्वेंटी-20 को लेकर क्रिकेट बोर्ड आपस में प्रतिस्पर्धा नहीं कर सकते। जयवर्धने ने कहा कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को भी समझना चाहिए कि हम साल भर में चार ट्वेंटी-20 टूर्नामेंट नहीं खेल सकते। यदि साल भर ट्वेंटी-20 खेलते रहे तो टेस्ट और एकदिवसीय का क्या होगा।
जयवर्धने ने कहा कि इंडियन प्रीमियर लीग, इंग्लिश प्रीमियर लीग और स्टैंनफोर्ड सुपर सीरीज जैसी ट्वेंटी-20 प्रतियोगिताओं का कार्यक्रम निर्धारित करते समय क्रिकेट बोर्डो को गंभीरतापूर्वक यह सोचना चाहिए कि टेस्ट और एकदिवसीय मैचों के अस्तित्व को बचाये रखने की जिम्मेदारी भी उन्हीं की है।
धन कमाने के लिए हम क्रिकेट को खतरे में नहीं डाल सकते। आखिर खिलाड़ी कितना खेलेंगे। किसी ने भी क्रिकेट की बेहतरी के बारे में नहीं सोचा। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बात है।
श्रीलंका क्रिकेट टीम के कप्तान माहेला जयवर्धने ने क्रिकेट जगत में ट्वेंटी-20 स्पर्धाओं की बढ़ती संख्या पर चिंता जताते यह बात कही। उन्होंने कहा कि एकदिवसीय, टेस्ट और ट्वेंटी-20 के बीच बेहतर तालमेल बैठाये रखने के लिए साल में सिर्फ एक बड़ा टूर्नामेंट ट्वेंटी-20 क्रिकेट का होना चाहिए। बाकी का समय टेस्ट तथा एकदिवसीय मैचों के लिए सुरक्षित रहना चाहिए।
जयवर्धने के मुताबिक ट्वेंटी-20 को लेकर क्रिकेट बोर्ड आपस में प्रतिस्पर्धा नहीं कर सकते। जयवर्धने ने कहा कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को भी समझना चाहिए कि हम साल भर में चार ट्वेंटी-20 टूर्नामेंट नहीं खेल सकते। यदि साल भर ट्वेंटी-20 खेलते रहे तो टेस्ट और एकदिवसीय का क्या होगा।
जयवर्धने ने कहा कि इंडियन प्रीमियर लीग, इंग्लिश प्रीमियर लीग और स्टैंनफोर्ड सुपर सीरीज जैसी ट्वेंटी-20 प्रतियोगिताओं का कार्यक्रम निर्धारित करते समय क्रिकेट बोर्डो को गंभीरतापूर्वक यह सोचना चाहिए कि टेस्ट और एकदिवसीय मैचों के अस्तित्व को बचाये रखने की जिम्मेदारी भी उन्हीं की है।
Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 12:20 [IST]
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