नई दिल्लीः विराट कोहली ने साउथ अफ्रीका दौरे पर रवाना होने से पहले अपनी प्रेस कॉन्फ्रेस में जो भी बातें कही हैं उससे साफ होता है कि वे दिखा रहे हैं कि बीसीसीआई और कोहली के बीच में बड़ा कम्यूनिकेशन गैप है। समझा जाता है बीसीसाआई आला कमान कोहली की इस बात से संतुष्ट नहीं है और बोर्ड दुनिया के सामने आकर अपना पक्ष भी रखना चाहता है लेकिन समय अभी बहुत नाजुक है क्योंकि टीम इंडिया प्रोटियाज के खिलाफ टेस्ट सीरीज में हिस्सा लेने के लिए उड़ान भर चुकी है और कोहली रेड बॉल क्रिकेट में अभी भी कप्तान हैं।
लीडरशिप पूरी तरह से बदल गई है और टीम इस मामले में एक ट्रांजिशन फेज से गुजर रही है। बोर्ड का सख्त रुख कोहली जैसी डोमिनेट पर्सनलिटी को और आक्रामक कर सकता है। लगता है बोर्ड फिलहाल सही समय का इंतजार कर रहा है ताकि वह उचित जवाब दे सके। वह समय जल्द ही आना चाहिए क्योंकि चुप्पी साधने में जितना टाइम गुजर जाएगा उतना ही कोहली की बातों को सच माना जाएगा।
कल से बीसीसीआई आला कमान इस योजना पर काम कर रहा है कि कोहली के दावों पर किस तरह से प्रतिक्रिया दी जाए। हालांकि अधिकतर बोर्ड अधिकारियों ने कोहली के कमेंट से इत्तेफाक नहीं जताया है।
बीसीसीआई चयन समिति के अध्यक्ष चेतन शर्मा से भी कह सकता है कि वे इस मामले पर अपना बयान देकर बोर्ड का पक्ष समझाएं। फिलहाल गांगुली ने तो मामले पर बोलने से इंकार कर दिया है। लेकिन उन्होंने कहा है कि बीसीसीआई पर मामले को छोड़ दिया जाए क्योंकि बोर्ड इससे निपट लेगा। हो सकता है गांगुली ही बाद में इस मुद्दे को क्लियर करने के लिए कोई बयान दें लेकिन दादा के व्यक्तित्व को देखकर लगता है कि वे पहले विराट के साथ पर्सनल तौर पर बातचीत करके मामले को कप्तान के पूरे नजरिए को समझना चाहेंगे। फिलहाल ऐसा लगता है विराट कई चीजों पर अंधेरे में हैं और उनको भी नहीं पता है कि उनकी पीठ पीछे क्या चल रहा है।
यह सब तब शुरू हुआ जब कोहली ने बुधवार को मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेस की और उनको वनडे कप्तानी से हटाने के लिए बीसीसीआई पर बातचीत ना करने का आरोप लगाया। कोहली ने बताया था कि चेतन शर्मा ने प्रोटियाज टूर के लिए टेस्ट टीम घोषित करने से केवल 90 मिनट पहले ही इस बात की जानकारी दी थी कि विराट अब वनडे कप्तान नहीं हैं। अब रोहित शर्मा को सफेद गेंद फॉर्मेट का कप्तान नियुक्त किया गया है। कोहली ने इस बात को भी नकार दिया था कि गांगुली ने उनसे किसी तरह का पर्सनल अनुरोध करके कहा था टी20 कप्तानी जारी रखी जाए।