बोर्ड ने ये भी कहा कि जांच पूरी होने तक श्रीनिवासन को बीसीसीआई के अध्यक्ष पद पर बहाल कर देना चाहिए। दोनों तरफ की दलील सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने जांच कमेटी पर अपना फैसला फिलहाल सुरक्षित रख लिया है।
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गौरतलब है कि एक हफ्ते पहले, सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस मुद्गल समिति से पूछा था कि क्या वह आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग और सट्टेबाजी मामले में एन श्रीनिवासन और 12 अन्य के खिलाफ आगे जांच करने की इच्छुक हैं।
न्यायमूर्ति एके पटनायक की पीठ ने कहा था कि समिति यदि उन 13 व्यक्तियों के खिलाफ जांच के लिए राजी हो जाती है जिनके नाम इस मामले पर शुरुआती जांच के बाद दिए गए सीलबंद लिफाफे में दर्ज हैं तो उसे जांच एजेंसियों से सहायता मुहैया कराई जाएगी। फिलहाल इस पूरे मामले में बीसीसीआई शक के घेरे में है।