ICC चैपियंस ट्राफी में धोनी-कोहली-युवराज सिंह के बिना जाएगी टीम इंडिया ?
नई दिल्ली। बीसीसीआई और आईसीसी के बीच पैसों के बंटवारे को लेकर चल रहे हालिया विवाद का असर आईसीसी चैपिंयस ट्राफी पर देखने को मिल सकता है। कुछ दिनों पहले खबर आ रही थी कि टीम इंडिया आईसीसी चैंपियंस ट्राफी से हट सकती है, लेकिन यह कदम उठाना उतना आसान नहीं होगा। ऐसे में बीसीसीआई ने अब आईसीसी पर दबाव बनाने के लिए नया प्लान बनाया है।

क्या है बीसीसीआई का नया प्लान
मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक जून में होने वाले आईसीसी चैपियंस ट्राफी में बीसीसीआई दोयम दर्जे की टीम भेज सकता है। यानि चैपियंस ट्राफी में जाने वाली टीम में महेन्द्र सिंह धोनी, विराट कोहली, आर अश्विन, रोहित शर्मा या कोई अन्य बड़ा सितारा भाग नहीं लेगा बल्कि बीसीसीआई इनकी जगह इंडिया-ए या रणजी मैचों से बिल्कुल नए खिलाड़ियों को टीम इंडिया में शामिल कर भेज सकती है।

बीसीसीआई को ऐसा करने से क्या हासिल होगा
बीसीसीआई अगर चैपियंस ट्राफी से नाम वापस लेती तो ब्रॉडकास्टर के साथ-साथ बीसीसीआई को भी बड़ा नुकसान होता साथ ही उसकी साख भी खराब होती है। ऐसे में बीसीसीआई अगर चैपियंस ट्राफी में दोयम दर्जे की टीम भेजती है तो वह नियमों के दायरे में रहकर करारा जवाब दे सकती है और उसके उपर अपनी बात मनवाने का दबाव भी बना सकती है।

कैसे बनेगा आईसीसी पर दबाव
आईसीसी को सबसे ज्यादा मुनाफा बीसीसीआई देती है। ऐसे में अगर विराट कोहली, धोनी, रोहित शर्मा, सुरेश रैना जैसे स्टार खिलाड़ी चैपियंस ट्राफी में नहीं खलेंगे तो जाहिर सी बीत है कि भारतीय दर्शक इसमें रुचि नहीं दिखाएंगे और आईसीसी को इसका नुकसान उठाना पड़ेगा। 2007 में हुआ विश्वकप इस बात का उदाहरण है जब पहले ही चरण में टीम इंडिया वर्ल्डकप से बाहर हो गई जिसकी वजह से टूर्नामेंट की रेटिंग कम हो गई थी जिसके चलते ब्रॉडकास्टर और आईसीसी को काफी नुकना उठाना पड़ा था। फिलहाल बीसीसीआई ऐसा कोई निर्णय लेती है या नहीं ये तो वक्त ही बताएगा।
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