
डिस्क थ्रो में जीता था 'गोल्ड'
भीम का किरदार निभाने वाले प्रवीण कुमार सोबती लंबी-चौड़ी कद-काठी के लिए पहचाने जाते हैं। वे भारत के हैमर थ्रो खिलाड़ी रहे हैं. प्रवीण ने कई प्रतियोगिताएं जीती और 1966 के कॉमनवेलथ गेम्स में डिस्कस थ्रो के लिए उनका सिलेक्शन किया गया। तब भारत ने एथलेटिक्स में 11 मेडल जीते थे जिसमें 5 गोल्ड, 5 ब्रोंज मेडल्स थे। सोबती ने इनमें से दो मेडल हासिल किए थे। यही नहीं बैंकॉक में एशियाड में उन्होंने डिस्क थ्रो में गोल्ड मेडल हासिल किया था। उन्होंने हैमर थ्रो में ब्रोंज भी पाया था। 1970 में भी अगले टूर्नामेंट में गोल्ड जीते थे। 1974 में उन्होंने तेहरान में सिल्वर मेडल जीता था।

अर्जुन अवॉर्ड भी पा चुके हैं
यही नहीं वह बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स के पूर्व जवान भी हैं। वह 1967 में अर्जुन अवॉर्ड भी पा चुके हैं। बीआर चोपड़ा की महाभारत में उनका किरदार बेहद पसंद किया गया है। पांच पांडवों के भाईयों में सोबती का अंदाज अलग ही दिखा। खेल के मैदान में बेहतरीन खिलाड़ी होने के बावजूद उन्हें सीरियल महाभारत से पहचान मिली।

दमदार शरीर बनाने में लगे 3 साल
6 दिसंबर 1947 को जन्मे प्रवीण कुमार सोबती को दमदार शरीर बनाने में 3 साल लग गए थे। इसका खुलासा उन्होंने एक इंटरव्यू के दाैरान किया था। प्रवीण ने कहा, ''एक भी दिन ऐसा नहीं जब मैं 3 बजे ना उठा हूं। गांव में कोई जिम जैसी चीज नहीं थी और ना ही तब तक मैंने ऐसी चीज देखी थी। मां घर में जो चक्की अनाज पीसने के लिए इस्तेमाल करती थी, उसी की सिल्लियों का वजन उठाकर मैं ट्रेनिंग करता था। भोर के 3 बजे से सूरज निकलने तक मैं ट्रेनिंग करता था। तीन साल लगे शरीर बनाने में और जब जानने वालों ने मुझे देखा तो वो पहचान नहीं पाए। मैने अपना शरीर देसी खुराक से तैयार किया।


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